भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) में विभिन्न डेट इंस्ट्रूमेंट्स के माध्यम से **₹60,000 करोड़** तक की पूंजी जुटाने की मंजूरी दे दी है। इस कदम से बैंक की पूंजी मजबूत होगी और भविष्य की विकास योजनाओं व लिक्विडिटी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
एसबीआई की पूंजी जुटाने की योजना
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के सेंट्रल बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹60,000 करोड़ तक की राशि जुटाने की अपनी मंशा को अंतिम रूप दे दिया है। यह राशि विभिन्न डेट इंस्ट्रूमेंट्स, जैसे कि लॉन्ग-टर्म बॉन्ड्स, बेसल III AT1 बॉन्ड्स और बेसल III Tier 2 बॉन्ड्स के ज़रिए जुटाई जाएगी। फंड्स को पब्लिक ऑफर या प्राइवेट प्लेसमेंट के ज़रिए भारतीय रुपये और/या अन्य कनवर्टिबल मुद्राओं में जुटाया जा सकता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
इस मंजूरी से एसबीआई अपनी पूंजी की आधार को और मजबूत कर सकेगा। यह कदम बैंक की भविष्य की विकास योजनाओं को सहारा देने और वित्तीय वर्ष 2027 के दौरान किसी भी लिक्विडिटी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है। बेसल III के अनुरूप बॉन्ड्स जारी करने से बैंक के रेगुलेटरी कैपिटल रेश्यो को बनाए रखने में मदद मिलती है।
आगे क्या?
बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद, एसबीआई अब बाजार की स्थितियों और आवश्यक रेगुलेटरी अनुमोदन के अधीन, स्वीकृत सीमा और समय-सीमा के भीतर इन डेट इश्यूएंस की योजना बनाने और उन्हें निष्पादित करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
जोखिम
किसी भी संभावित फंड जुटाने की प्रक्रिया भारत सरकार की आवश्यक मंज़ूरी पर निर्भर करेगी। बाजार की स्थितियाँ इन इश्यूएंस के समय और लागत को भी प्रभावित कर सकती हैं।
