देश के सबसे बड़े बैंक State Bank of India (SBI) ने दूसरी तिमाही में जबरदस्त नतीजों का ऐलान किया है। बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹20,159.67 करोड़** से बढ़कर अब **₹23,037.95 करोड़** हो गया है, जिसमें स्ट्रैटेजिक डिवेस्टमेंट्स का बड़ा हाथ है।
मुनाफे के पीछे का सच
SBI के नतीजों में इस बार ऑपरेशनल ग्रोथ के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण स्ट्रैटेजिक बिक्री (Divestments) का भी बड़ा योगदान रहा है। बैंक ने SBI Funds Management Limited में 6.30% हिस्सेदारी बेचकर ₹7,288.47 करोड़ का बड़ा मुनाफा कमाया है। इसके अलावा, National Stock Exchange में 0.65% और ARCIL में 3.37% हिस्सेदारी बेचकर बैंक ने लगभग ₹2,491 करोड़ का अतिरिक्त कैपिटल गेन हासिल किया है।
प्रमुख आंकड़े (Financial Highlights)
- स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट: ₹23,037.95 करोड़ (बनाम ₹20,159.67 करोड़)
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट: ₹25,361.16 करोड़ (बनाम ₹21,137.33 करोड़)
- स्टैंडअलोन टोटल इनकम: ₹1,43,796.01 करोड़
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to Watch)
बैंक का प्रदर्शन भले ही मजबूत रहा हो, लेकिन निवेशकों को Yes Bank के AT-1 बॉन्ड से जुड़े कानूनी विवादों पर नजर रखनी चाहिए। बैंक की Yes Bank में 10.78% हिस्सेदारी है और सुप्रीम कोर्ट के हालिया रुख के बाद से बैंक अभी किसी भी प्रोविजनिंग के बारे में ठोस निर्णय ले रहा है। साथ ही, प्रोजेक्ट फाइनेंस सेक्टर में एसेट क्वालिटी और NPA रेशियो पर भी नजर बनाए रखना जरूरी है।
