Stanrose Mafatlal Investments & Finance ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी को **₹65.58 लाख** का नेट लॉस हुआ है। सबसे बड़ी खबर यह है कि अब कंपनी अपना NBFC लाइसेंस सरेंडर करने पर विचार कर रही है क्योंकि इनका मुख्य काम अब गारमेंट ट्रेडिंग की ओर शिफ्ट हो गया है।
मुनाफे पर दबाव और बदलता बिजनेस मॉडल
Stanrose Mafatlal Investments & Finance के हालिया नतीजों में कंपनी ने बताया कि ऑपरेशन से उनका रेवेन्यू ₹117.39 लाख रहा, जबकि बॉटम-लाइन पर कंपनी को ₹65.58 लाख का नेट लॉस उठाना पड़ा है। कंपनी का कारोबार अब पूरी तरह से वित्तीय सेवाओं से हटकर गारमेंट ट्रेडिंग की ओर बढ़ रहा है।
क्यों लौटाया जा रहा है लाइसेंस?
RBI के नियमों के अनुसार, किसी कंपनी को NBFC बने रहने के लिए अपने कुल रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा वित्तीय गतिविधियों से कमाना अनिवार्य होता है। चूंकि अब कंपनी का 50% से अधिक रेवेन्यू गारमेंट ट्रेडिंग से आ रहा है, इसलिए कंपनी अब NBFC की शर्तों को पूरा नहीं कर पा रही है। नतीजतन, प्रबंधन ने आधिकारिक तौर पर अपना NBFC सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
वित्तीय मोर्चे पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कंपनी ने छमाही आधार पर ₹133.28 लाख का बड़ा नेट लॉस दर्ज किया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि नए बिजनेस मॉडल में कंपनी अपनी मार्जिन और कैश फ्लो को कैसे व्यवस्थित करती है। आने वाले समय में RBI को औपचारिक रूप से लाइसेंस सरेंडर करने की सूचना पर बाजार की कड़ी नजर रहेगी।
