Standard Capital Markets ने जून 2026 तिमाही के लिए **₹62.82 करोड़** का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है। कंपनी ने बताया कि यह नुकसान मुख्य रूप से RBI के IRACP नियमों के तहत प्रोविजन्स (Provisions) के कारण हुआ है। अच्छी खबर यह है कि कंपनी पर अब कोई आउटस्टैंडिंग नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर (NCD) नहीं हैं।
Standard Capital Markets को ₹62.82 करोड़ का झटका
Standard Capital Markets Ltd ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने अनऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Financial Results) का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने ₹62.82 करोड़ का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस (Consolidated Net Loss) दर्ज किया है। इस बड़े नुकसान की मुख्य वजह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के इनकम रिकॉग्निशन, एसेट क्लासिफिकेशन और प्रोविजनिंग (IRACP) नॉर्म्स के तहत डिस्ट्रेस्ड एसेट्स (Distressed Assets) के लिए की गई प्रोविजन्स हैं।
पिछले तिमाही से तुलना
यह स्थिति पिछली तिमाही, जो 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई थी, के बिल्कुल विपरीत है। तब कंपनी ने ₹77.59 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) कमाया था। वहीं, पिछले साल इसी अवधि यानी 30 जून, 2025 को कंपनी ने ₹14.69 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जबकि टोटल इनकम (Total Income) ₹68.00 करोड़ थी। इस तिमाही के नतीजे कंपनी की हालिया प्रॉफिटेबिलिटी से काफी अलग हैं।
NCDs का निपटारा, पर एसेट रिकवरी पर नजर
एक बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी ने 30 जून, 2026 तक अपने सभी नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) को रिडीम (Redeem) कर लिया है, यानी अब कोई NCD आउटस्टैंडिंग नहीं है। हालांकि, अब कंपनी का पूरा फोकस डिस्ट्रेस्ड एसेट्स की रिकवरी पर रहेगा। कंपनी ने एक अप्रूव्ड रेजोल्यूशन प्लान (Resolution Plan) के लिए ₹6.91 करोड़ की बैंक गारंटी (Bank Guarantee) की व्यवस्था भी की है। इसके अलावा, कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी KRV Brooms Private Limited को बेच दिया है और Standard ARC Limited में एक नया इन्वेस्टमेंट (Investment) भी हासिल किया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम डिस्ट्रेस्ड एसेट्स के लिए की गई प्रोविजन्स की पूरी रिकवरी को लेकर अनिश्चितता है। मैनेजमेंट भले ही रिकवरी को लेकर कॉन्फिडेंट (Confident) हो, लेकिन इन अमाउंट्स (Amounts) की असलियत में वसूली कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ (Financial Health) और प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) के लिए बेहद अहम साबित होगी।
आगे क्या देखें
आगे चलकर निवेशकों को कंपनी के अगले तिमाही नतीजों पर करीबी नजर रखनी चाहिए। खासकर, एसेट रिकवरी की प्रगति और रेजोल्यूशन प्लान पर आने वाले अपडेट्स पर ध्यान देना होगा। कंपनी की प्रोविजन्स को मैनेज करने और कंसिस्टेंट प्रॉफिटेबिलिटी (Consistent Profitability) पर वापस लौटने की क्षमता महत्वपूर्ण संकेतकों का काम करेगी।
