Speedage Commercials ने अपनी 41वीं AGM के लिए एक जरूरी बदलाव पेश किया है। कंपनी Met-Lok Hydro Pneumatics को **₹50 करोड़** का अनसिक्योर्ड लोन देने के लिए शेयरधारकों की अनुमति मांग रही है, जो कंपनी के टर्नओवर का **73%** से ज्यादा है।
बड़ा ट्रांजेक्शन और कंपनी का तर्क
Speedage Commercials ने अपनी 41वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के लिए एक एमेंडमेंट (Addendum) फाइल किया है। कंपनी का लक्ष्य Met-Lok Hydro Pneumatics Private Limited को ₹50 करोड़ तक का अनसिक्योर्ड लोन उपलब्ध कराना है। मैनेजमेंट का तर्क है कि उनके पास पड़ा सरप्लस फंड खाली पड़ा है, जिसे लोन के जरिए ब्याज (Interest) कमाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
क्यों है यह मामला खास?
SEBI के नियमों के मुताबिक, यह एक 'मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन' (RPT) है। यह रकम कंपनी के पिछले फाइनेंशियल ईयर के कंसोलिडेटेड टर्नओवर का 73.55% हिस्सा है। कंपनी ने साफ किया है कि इसके लिए किसी बाहरी कर्ज (External Debt) का सहारा नहीं लिया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
निवेशकों को दो मुख्य बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- कंसंट्रेशन रिस्क: पूरा लोन एक ही कंपनी को दिया जा रहा है। हालांकि कंपनी का कहना है कि रिसीवर ने पिछले 3 सालों में कोई डिफॉल्ट नहीं किया है, फिर भी लोन पूरी तरह 'अनसिक्योर्ड' है।
- कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट: गवर्नेंस डिस्क्लोजर के अनुसार, Speedage के एक डायरेक्टर के रिश्तेदार ही Met-Lok में डायरेक्टर पद पर हैं। इसे लेकर मार्केट में सवाल उठना लाजमी है।
आगे क्या होगा?
यह प्रस्ताव 30 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM में वोटिंग के लिए रखा जाएगा। शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ही यह फैसिलिटी 2027 तक प्रभावी रहेगी।
