नंदिनी और किरीट मोदी, साउथ इंडिया पेपर मिल्स में ₹120 प्रति शेयर की दर से 26% तक हिस्सेदारी खरीदने के लिए ओपन ऑफर ला रहे हैं। यह मौजूदा शेयरधारकों से 20.21% हिस्सेदारी खरीदने के सौदे के बाद आया है।
साउथ इंडिया पेपर मिल्स में बड़ा बदलाव
नंदिनी मोदी और किरीट मोदी, साउथ इंडिया पेपर मिल्स लिमिटेड (South India Paper Mills Ltd) में एक बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने जा रहे हैं, जिससे कंपनी का नियंत्रण बदल सकता है।
मुख्य बातें: कंपनी पर नियंत्रण का बदलाव लगभग तय; सार्वजनिक शेयरधारकों को ₹120 पर बाहर निकलने का मौका।
क्या हुआ है?
साउथ इंडिया पेपर मिल्स लिमिटेड के लिए एक्वायरर्स नंदिनी मोदी और किरीट मोदी, साथ ही पर्सन्स एक्टिंग इन कॉन्सर्ट (PACs) द्वारा एक ओपन ऑफर (Open Offer) की घोषणा की गई है। यह ऑफर कंपनी की वोटिंग कैपिटल के 26% यानी 48,75,000 शेयरों को ₹120 प्रति शेयर की दर से खरीदने के लिए है।
इस पूरे ऑफर का कुल मूल्य लगभग ₹58.50 करोड़ है। इस ओपन ऑफर का ट्रिगर 18 अगस्त, 2026 का एक शेयर परचेज एग्रीमेंट (Share Purchase Agreement - SPA) है, जिसके तहत एक्वायरर्स ने मौजूदा शेयरधारकों, हर्षा नटवरलाल मोदी (Harshad Natvarlal Modi) और राजुल हर्षा मोदी (Rajul Harshad Modi) से 37,90,240 शेयर (यानी 20.21% हिस्सेदारी) ₹45.48 करोड़ में खरीदने पर सहमति जताई थी।
क्यों है यह अहम?
यह डील साउथ इंडिया पेपर मिल्स के लिए एक बड़े नियंत्रण परिवर्तन (Change in Control) का संकेत देती है। एक्वायरर्स, PACs के साथ मिलकर प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा बन जाएंगे। यह ऑफर सार्वजनिक शेयरधारकों को ₹120 प्रति शेयर के तय मूल्य पर बाहर निकलने का मौका दे रहा है। एक्वायरर्स ने ऑफर के लिए ज़रूरी वित्तीय व्यवस्था की पुष्टि कर दी है।
बैकस्टोरी
SPA में विक्रेता रहे हर्षा नटवरलाल मोदी और राजुल हर्षा मोदी, इस ट्रांजैक्शन के बाद कंपनी में अपनी हिस्सेदारी नहीं रखेंगे। एक्वायरर्स और PACs कंपनी पर नियंत्रण हासिल करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने कंपनी के शेयरों को डीलिस्ट (Delist) करने का कोई इरादा नहीं जताया है।
आगे क्या?
SPA और ओपन ऑफर पूरा होने के बाद, नंदिनी और किरीट मोदी, PACs के साथ मिलकर साउथ इंडिया पेपर मिल्स का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेंगे। मौजूदा विक्रेता अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकल जाएंगे।
जोखिम
निवेशकों को नए मैनेजमेंट के तहत कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) और भविष्य की रणनीति पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। शेयर की बाजार कीमत पर भी ऑफर प्राइस का असर दिख सकता है।
अगली कड़ी
निवेशकों को अब डिटेल्ड पब्लिक स्टेटमेंट (Detailed Public Statement - DPS) का इंतजार करना चाहिए, जो सार्वजनिक घोषणा के पांच कार्य दिवसों के भीतर आने की उम्मीद है। DPS में टेंडर प्रक्रिया की समय-सीमा और अन्य ज़रूरी प्रक्रियाओं का विवरण होगा।
