Solara Active Pharma Sciences के लिए राहत की खबर है। कंपनी पर इनकम टैक्स विभाग की ओर से लगा **₹161.92 करोड़** का भारी-भरकम टैक्स डिमांड अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
टैक्स विवाद का अंत
इनकम टैक्स विभाग, सेंट्रल सर्कल-3, ठाणे ने कंपनी को एक औपचारिक रेक्टिफिकेशन ऑर्डर जारी किया है। Income-tax Act, 1961 की Section 154 के तहत जारी इस ऑर्डर में स्पष्ट किया गया है कि असेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए पहले जो ₹161.92 करोड़ की डिमांड खड़ी की गई थी, उसे अब घटाकर शून्य (Nil) कर दिया गया है।
क्यों खत्म हुई डिमांड?
कंपनी ने टैक्स विभाग के सामने अपनी गणना संबंधी त्रुटियों (computation errors) को लेकर एक रेक्टिफिकेशन एप्लिकेशन फाइल की थी, जिसे विभाग ने स्वीकार कर लिया है। इस फैसले से कंपनी के सिर से एक बड़ा वित्तीय बोझ हट गया है, जो काफी समय से निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ था।
आगे क्या?
इस ऑर्डर के बाद अब कंपनी को इस असेसमेंट ईयर के लिए कोई भी टैक्स भुगतान नहीं करना है। टैक्स अथॉरिटी ने पुष्टि की है कि कंपनी की ओर से किसी भी तरह का कोई उल्लंघन (violation) या डिफॉल्ट नहीं पाया गया है। हालांकि, निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी के अन्य असेसमेंट वर्षों से जुड़ी कानूनी और टैक्स प्रक्रियाओं पर नजर बनाए रखें, ताकि आगे कोई नई देनदारी न पैदा हो। अब मार्केट की नजर कंपनी की अगली तिमाही की बैलेंस शीट पर रहेगी, जहां से इस खबर का सकारात्मक प्रभाव दिखने की उम्मीद है।
