वारंट जारी कर जुटाए ₹87.75 करोड़
Sobhagya Mercantile Ltd ने लगभग ₹87.75 करोड़ के 13,01,000 कनवर्टिबल वारंट का प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (Preferential Allotment) को मंजूरी दे दी है।
**क्या हुआ है?
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कंपनी 13,01,000 कनवर्टिबल वारंट इश्यू करेगी, जिनकी इश्यू प्राइस ₹674.49 प्रति वारंट है। इस तरह कुल ₹8,775.11 लाख यानी ₹87.75 करोड़ का सौदा हुआ है।
Sobhagya Mercantile को ₹2,193.78 लाख यानी ₹21.94 करोड़ का अपफ्रंट सब्सक्रिप्शन अमाउंट (Upfront Subscription Amount) मिल चुका है, जो कि कुल इश्यू प्राइस का 25% है। यह राशि रेगुलेटरी नॉर्म्स (Regulatory Norms) के अनुसार है।
**क्यों है ये अहम?
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यह अलॉटमेंट दिखाता है कि इंस्टीटूशनल इन्वेस्टर्स (Institutional Investors) में कंपनी को लेकर काफी दिलचस्पी है। Nova Global Opportunities Fund PCC- Touchstone और Zeal Global Opportunities Fund जैसे फंड्स ने वारंट खरीदे हैं।
इस फंड इनफ्यूजन (Fund Infusion) से कंपनी की लिक्विडिटी (Liquidity) मजबूत होगी और भविष्य की ग्रोथ के लिए पैसा मिलेगा।
**क्या है बैकस्टोरी?
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इन वारंट्स के प्रेफरेंशियल इश्यू को कंपनी के शेयरहोल्डर्स (Shareholders) ने 20 अप्रैल 2026 को हुई एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (Extra Ordinary General Meeting) में पहले ही मंजूरी दे दी थी।
**आगे क्या होगा?
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हर वारंट होल्डर के पास कंपनी के 10 रुपये फेस वैल्यू वाले एक इक्विटी शेयर (Equity Share) के लिए अप्लाई करने का अधिकार होगा। शेयर के लिए कन्वर्जन प्राइस (Conversion Price) ₹505.8675 तय की गई है।
ये वारंट अलॉटमेंट डेट से 18 महीने तक कनवर्टिबल रहेंगे, जिनकी फाइनल कन्वर्जन डेडलाइन 2 दिसंबर 2027 है। अगर इससे पहले वारंट कन्वर्ट नहीं हुए तो 3 दिसंबर 2027 तक वे लैप्स (Lapse) हो जाएंगे।
**क्या हैं जोखिम?
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नए इक्विटी शेयर इश्यू होने से मौजूदा शेयरहोल्डर्स की अर्निंग्स पर शेयर (Earnings Per Share - EPS) पर डाइल्यूशन (Dilution) का खतरा बढ़ सकता है।
इन्वेस्टर्स को यह देखना होगा कि वारंट होल्डर्स 2 दिसंबर 2027 की डेडलाइन से पहले अपने कन्वर्जन राइट्स (Conversion Rights) का इस्तेमाल करते हैं या नहीं।
**आगे क्या ट्रैक करें?
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शेयरहोल्डर्स को कंपनी की घोषणाओं पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए कि ये वारंट कब कन्वर्ट होते हैं और इसका कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न (Shareholding Pattern) और फाइनेंशियल मेट्रिक्स (Financial Metrics) पर क्या असर पड़ता है।
