Sita Enterprises ने FY26 के लिए **₹4.52 करोड़** का शानदार मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले साल के **₹1.12 करोड़** की तुलना में एक बड़ी छलांग है। यह ग्रोथ मुख्य रूप से निवेशों पर मिले फेयर वैल्यू गेन के कारण संभव हुई है। कंपनी ने अपनी अधिकृत पूंजी को **₹20 करोड़** तक बढ़ाने का भी प्रस्ताव दिया है।
Sita Enterprises ने FY26 में दर्ज की दमदार प्रॉफिट, बढ़ाई पूंजी
Sita Enterprises Ltd, जो एक NBFC-ICC है, ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹4.52 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹1.12 करोड़ के मुकाबले एक बड़ी बढ़ोतरी है।
मुनाफे की वजह क्या है?
कंपनी की इस शानदार वित्तीय वृद्धि का मुख्य कारण इसके निवेशों और निवेश संपत्ति (investment property) में हुए फेयर वैल्यू परिवर्तनों से प्राप्त शुद्ध लाभ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए यह ₹4.74 करोड़ रहा।
आगे क्या?
इसके अलावा, कंपनी ने शेयरधारकों की मंजूरी के बाद अपनी अधिकृत शेयर पूंजी को ₹3 करोड़ से बढ़ाकर ₹20 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव 11 सितंबर 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में रखा जाएगा। हालांकि, बोर्ड ने FY 2025-26 के लिए कोई डिविडेंड (dividend) न देने का फैसला किया है।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
मुनाफे में यह उछाल और प्रस्तावित पूंजी विस्तार, कंपनी की भविष्य की ग्रोथ या पूंजी जुटाने की योजनाओं के लिए अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की रणनीतिक मंशा को दर्शाता है। शेयरधारकों के लिए, यह नए प्रबंधन के तहत एक परिवर्तन और संभावित विस्तार के दौर का संकेत है।
क्या बदलेगा?
कंपनी में 24 दिसंबर 2024 को हुए शेयर खरीद समझौते (Share Purchase Agreement) के बाद नियंत्रण में बदलाव आया। इसके चलते प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण बदलाव हुए, जिसमें 1 सितंबर 2025 को श्री हर्ष जितेंद्र गांधी और श्री किरीट गोवर्धनदास ठक्कर की कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्ति शामिल है। इस दौरान कई पूर्व निदेशकों ने इस्तीफा भी दिया।
नए नेतृत्व और अधिकृत शेयर पूंजी में प्रस्तावित वृद्धि के साथ, Sita Enterprises भविष्य की रणनीतिक चालों के लिए खुद को तैयार कर रही है। एजीएम में बढ़ी हुई पूंजी को मंजूरी मिलना एक महत्वपूर्ण अगला कदम होगा।
जोखिम क्या हैं?
मुनाफे के लिए फेयर वैल्यू परिवर्तनों पर निर्भरता एक प्रमुख चिंता का विषय है, क्योंकि ये बाजार की अस्थिरता के अधीन हैं। निवेशक नए प्रबंधन टीम की निष्पादन क्षमता और बोर्ड की स्थिरता पर भी नजर रखेंगे।
नंबर्स पर एक नजर
- कुल आय (FY26): ₹5.52 करोड़ (FY25 में ₹1.50 करोड़ की तुलना में)
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (FY26): ₹4.52 करोड़ (FY25 में ₹1.12 करोड़ की तुलना में)
- ईपीएस (बेसिक, FY26): ₹15.07 (FY25 में ₹3.75 की तुलना में)
निवेशकों को एजीएम के नतीजों और आगामी फाइनेंशियल ईयर में कंपनी के प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए, खासकर इस बात पर कि मुनाफा कैसे उत्पन्न होता है और क्या नई विकास पहलों को लॉन्च किया जाता है।
