पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने Simbhaoli Sugars लिमिटेड का ₹226.44 करोड़ का लोन अकाउंट 'Fraud' घोषित कर दिया है। यह कंपनी पहले से ही 11 जुलाई, 2024 से Insolvency की प्रक्रिया से गुजर रही है।
PNB ने Simbhaoli Sugars के लोन अकाउंट को 'Fraud' बताया
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने Simbhaoli Sugars लिमिटेड के ₹226.44 करोड़ के लोन खाते को 'Fraud' के तौर पर वर्गीकृत कर दिया है। बैंक के हेड ऑफिस फ्रॉड एग्जामिनेशन कमेटी ने यह फैसला फंड की हेराफेरी, भरोसे के आपराधिक उल्लंघन और जालसाजी के आरोपों के बाद लिया है।
Insolvency के बीच एक और झटका
यह 'Fraud' का टैग Simbhaoli Sugars के लिए एक बड़ा नियामकीय और कानूनी झटका है, क्योंकि कंपनी पहले से ही कॉर्पोरेट इंसोल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही है, जिसकी शुरुआत 11 जुलाई, 2024 को हुई थी। इंसोल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत कंपनी को सुरक्षा मिली हुई है, लेकिन 'Fraud' का यह टैग उसके समाधान प्रक्रिया को और जटिल बना सकता है और हितधारकों के लिए रिकवरी की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है।
कंपनी का पिछला रिकॉर्ड
Simbhaoli Sugars का वित्तीय इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है। साल 2011 से 2019 के बीच कंपनी ने EBITDA में अस्थिरता और नेट लॉस दर्ज किया था, जो उसकी मौजूदा कर्ज की स्थिति का कारण बना। कंपनी मैनेजमेंट ने पहले बैंक से 'नो फ्रॉड' (No Fraud) की फाइंडिंग भी प्राप्त की थी।
आगे क्या होगा?
हालांकि कंपनी CIRP के तहत है, PNB का यह फैसला कानूनी लड़ाई को बढ़ाएगा। कंपनी का मैनेजमेंट IBC की धारा 32A के तहत समाधान योजना मंजूर होने के बाद पूर्व-CIRP अपराधों से प्रतिरक्षा (Immunity) मांगने का इरादा रखता है। हालांकि, बैंक के इस फैसले को कंपनी के वर्तमान और पूर्व मैनेजमेंट द्वारा चुनौती दी जा रही है।
जोखिम पर नजर
सबसे बड़ा जोखिम 'Fraud' वर्गीकरण के खिलाफ कानूनी चुनौतियों का परिणाम है। IBC की धारा 32A का सफल अनुप्रयोग कंपनी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा। किसी भी प्रतिकूल फैसले से इंसोल्वेंसी प्रक्रिया में और अधिक जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।
