Shyamkamal Investments का Q2 नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹29.18 लाख** हो गया है, जो पिछले साल इसी तिमाही में **₹21.96 लाख** था। हालांकि, फाइनेंशियल सुधार के बावजूद ऑडिटर ने बैंक बैलेंस को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
मुनाफे में उछाल, लेकिन भरोसे पर सवाल
कंपनी का रेवेन्यू ऑपरेशन्स से बढ़कर ₹74.84 लाख पहुंच गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर की समान तिमाही में ₹69.99 लाख था। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी साल-दर-साल आधार पर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। लेकिन, सबसे बड़ा ट्विस्ट कंपनी की 'Limited Review Report' में है।
ऑडिटर ने क्यों दी चेतावनी?
स्टैच्युटरी ऑडिटर 'Mukeshkumar Jain & Co.' ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि वे HDFC Bank और Canara Bank के साथ कंपनी के बैंक बैलेंस और ट्रांजेक्शन को सत्यापित (verify) नहीं कर पाए हैं। बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध न होने के कारण कंपनी की लिक्विड एसेट्स की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं, जो गवर्नेंस के लिहाज से एक बड़ा रेड फ्लैग है।
ऑडिट कमेटी में बड़ा बदलाव
नतीजों के साथ ही कंपनी ने अपनी ऑडिट कमेटी का पुनर्गठन (reconstitution) भी किया है, जो 2 नवंबर 2026 से प्रभावी है। इसकी कमान अब चेयरपर्सन Ms. Aesha Harsh Shah के हाथों में है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
हाफ-ईयर के आंकड़ों पर गौर करें तो कंपनी ने ₹67.88 लाख का मुनाफा कमाया है, जबकि पिछले साल यह ₹19.77 लाख था। बावजूद इसके, कंपनी का बेसिक EPS (Earnings Per Share) गिरकर 0.11 पर आ गया है, जो पिछली तिमाही में 0.16 था। निवेशकों को अब कंपनी की ओर से इन बैंक खातों के रिकॉन्सिलिएशन पर स्पष्टीकरण का इंतजार करना चाहिए।
