Shristi Infrastructure पर वित्तीय संकट के बादल, ऑडिटर की संशोधित राय
Shristi Infrastructure Development Corporation Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही के लिए स्टैंडअलोन नेट लॉस (Standalone Net Loss) ₹6.88 करोड़ दर्ज किया है, जो पिछली तिमाही के ₹4.51 करोड़ के मुकाबले काफी ज्यादा है। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Consolidated Net Loss) भी ₹6.47 करोड़ से बढ़कर ₹9.15 करोड़ हो गया है।
मुख्य बातें (Reader Takeaway)
लगातार घाटा और नेगेटिव नेट वर्थ (Negative Net Worth) कंपनी की गोइंग कंसर्न (Going Concern) यानी भविष्य में कामकाज जारी रखने की क्षमता पर संदेह पैदा करते हैं। इसके अलावा, ₹761 करोड़ का आर्बिट्रेशन क्लेम (Arbitration Claim) भी एक बड़ी चिंता का विषय है।
क्या हुआ?
कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे साल के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे (Audited Financial Results) पेश किए। स्टैंडअलोन आधार पर Q4 FY26 में ₹6.88 करोड़ का नेट लॉस और कंसोलिडेटेड आधार पर ₹9.15 करोड़ का नेट लॉस प्रमुख रहा। कंपनी के स्टैंडअलोन रेवेन्यू (Standalone Revenue) में 8.5% की गिरावट आई है, जो ₹15.59 करोड़ रहा।
सबसे अहम बात यह है कि कंपनी के वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditors) ने एक संशोधित राय (Modified Opinion) जारी की है। इसके मुख्य कारण Srei Equipment Finance Limited से लिए गए उधार पर ₹124.63 करोड़ के ब्याज का प्रावधान (Provision) न करना और सब्सिडियरी कंपनियों (Subsidiary Companies) में निवेश व लोन की वसूली क्षमता को लेकर अनिश्चितता है।
यह क्यों मायने रखता है?
ऑडिटर की यह संशोधित राय, खासकर गोइंग कंसर्न पर सवालिया निशान, निवेशकों के लिए एक बड़ा रेड फ्लैग (Red Flag) है। यह संकेत देता है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति नाजुक हो सकती है और भविष्य में उसके कामकाज पर असर पड़ सकता है।
