Shriram Finance के लिए मुसीबत बढ़ गई है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने असेसमेंट ईयर 2009-10 के लिए कंपनी पर **₹67.90 करोड़** का भारी जुर्माना लगाया है, जो **₹199.77 करोड़** के विवादित डिडक्शन क्लेम से जुड़ा है।
जुर्माना और विवाद की जड़
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के असेसमेंट यूनिट ने 29 सितंबर, 2026 को यह आदेश जारी किया है। यह मामला 2009-10 के असेसमेंट ईयर का है। टैक्स विभाग का आरोप है कि कंपनी ने उस दौरान ₹199.77 करोड़ का गलत डिडक्शन क्लेम किया था, जिससे टैक्स योग्य आय कम दिखाई गई। यह पेनल्टी इनकम टैक्स एक्ट की धारा 271(1)(c) के तहत लगाई गई है।
कंपनी का क्या कहना है?
इतने बड़े जुर्माने के बावजूद Shriram Finance का मैनेजमेंट आश्वस्त है। कंपनी के अनुसार, इस पेनल्टी का उनके मौजूदा कामकाज या फाइनेंशियल हेल्थ पर कोई 'मटेरियल इम्पैक्ट' नहीं पड़ने वाला है।
आगे की रणनीति
कंपनी ने इस आदेश को चुनौती देने का मन बना लिया है। Shriram Finance जल्द ही पहली अपीलेट अथॉरिटी (Appellate Authority) के पास अपील दायर करेगी। मैनेजमेंट को पूरा भरोसा है कि उनके पास इस मामले को खारिज कराने के लिए मजबूत कानूनी आधार मौजूद है।
निवेशकों के लिए जोखिम
हालांकि कंपनी ने इसे फिलहाल सामान्य माना है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया लंबी हो सकती है। निवेशकों को सलाह है कि वे आगामी अपीलेट फैसलों पर नजर रखें, क्योंकि यदि फैसला कंपनी के खिलाफ गया, तो भविष्य में लायबिलिटी का गणित बदल सकता है।
