Shri Niwas Leasing and Finance ने सितंबर 2026 तिमाही में **₹153.16 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। हालांकि, कंपनी के ऑडिटर ने लोन पर ब्याज प्रोविजनिंग को लेकर सवाल उठाए हैं, जिससे निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मुनाफे में अचानक उछाल की हकीकत
Shri Niwas Leasing and Finance Limited ने सितंबर 2026 तिमाही के अपने नतीजे जारी किए हैं, जो पिछली तिमाही के मुकाबले चौंकाने वाले हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹153.16 करोड़ रहा, जबकि कुल आय ₹153.25 करोड़ दर्ज की गई। तुलना के लिए, जून 2026 तिमाही में कंपनी का मुनाफा केवल ₹0.16 करोड़ था।
क्यों है चिंता की बात? (Auditor's Concern)
कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर, VRSK & Associates ने नतीजों पर 'Emphasis of Matter' जारी किया है। ऑडिटर का कहना है कि कंपनी ने दिए गए लोन पर ब्याज का प्रोविजन (provision) नहीं किया है। एक फाइनेंस और लीजिंग कंपनी के लिए यह एक गंभीर मामला है, क्योंकि यह रेवेन्यू और एसेट क्वालिटी की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
रेगुलेटरी अपडेट
कंपनी ने SEBI (LODR) रेगुलेशन 32 के तहत स्पष्ट किया है कि सितंबर 2026 की AGM में मंजूर किए गए ₹1,165 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (NCPS) जारी करने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। इसलिए, फिलहाल फंड के इस्तेमाल में किसी तरह की विचलन (deviation) रिपोर्टिंग लागू नहीं होती है।
निवेशकों के लिए सलाह
यह अचानक आई कमाई कितनी टिकाऊ है, इस पर अभी संशय बना हुआ है। ऑडिटर द्वारा उठाए गए सवालों के बाद निवेशकों को कंपनी की अकाउंटिंग नीतियों और भविष्य की डिस्क्लोजर रिपोर्ट पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।
