Shri Kalyan Holdings Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को **₹64.79 लाख** का भारी नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल कंपनी **₹81.47 लाख** के प्रॉफिट में थी। खराब नतीजों और रेगुलेटरी नियमों के उल्लंघन के चलते इस बार कोई डिविडेंड नहीं दिया गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के रेवेन्यू में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। ऑपरेशन से होने वाली कमाई गिरकर मात्र ₹4.46 लाख रह गई है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹151.12 लाख थी। कंपनी का कहना है कि फेयर-वैल्यू में बदलाव और फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स के इम्पेयरमेंट की वजह से यह गिरावट आई है। नतीजों का असर नेट वर्थ पर भी पड़ा है, जो ₹1,013.61 लाख से घटकर ₹948.83 लाख हो गई है।
SEBI नियमों के साथ खिलवाड़
मुनाफे में गिरावट के साथ ही कंपनी के लिए गवर्नेंस संबंधी समस्याएं भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। सेक्रेटेरियल ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट में कई तरह की नॉन-कंप्लायंस (Non-compliance) की बात कही है। इसमें प्रमोटर डिस्क्लोजर में देरी, शेयरहोल्डिंग पैटर्न फाइलिंग में खामियां, वेबसाइट अपडेट न करना और SEBI के तहत 'Structured Digital Database' (SDD) का सही रखरखाव न करना शामिल है।
मैनेजमेंट में बदलाव और AGM
कंपनी ने अपनी 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 29 सितंबर, 2026 को बुलाई है। इस बीच, बोर्ड ने नई नियुक्तियां की हैं। मिसेज आरुषि जैन को डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव है, जबकि हेमंत जैन को जनरल मैनेजर और राजेंद्र कुमार छिप्पा को चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) बनाया गया है। मैनेजमेंट ने कहा है कि नियमों के उल्लंघन के लिए जुर्माना भर दिया गया है और सुधारात्मक उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन निवेशकों के लिए ऑपरेशनल स्टेबिलिटी अभी भी सबसे बड़ा रिस्क बना हुआ है।
