Shree Securities के शेयर होल्डर्स ने कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल को **₹79.80 करोड़** से घटाकर **₹1.596 करोड़** करने की मंजूरी दे दी है। कंपनी का लक्ष्य अपने संचित घाटे (Accumulated Losses) को खत्म करना है।
बड़ा फैसला: कैपिटल रीस्ट्रक्चरिंग और शेयर कंसोलिडेशन
कंपनी ने अपनी 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कैपिटल को रिड्यूस और कंसोलिडेट करने की योजना को मंजूरी दी है। इस फैसले के तहत, कंपनी अपने 78.204 करोड़ शेयरों को कैंसिल करेगी ताकि घाटे को राइट-ऑफ किया जा सके। इसके बाद शेयरों की फेस वैल्यू ₹1 से बढ़कर ₹10 हो जाएगी।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह समझना जरूरी है कि यह पूरी तरह से एक टेक्निकल अकाउंटिंग बदलाव है। कंपनी ने साफ किया है कि इसमें कोई कैश बाहर नहीं जा रहा है और निवेशकों की होल्डिंग या वोटिंग राइट्स में कोई बदलाव नहीं आएगा। इसका मुख्य उद्देश्य बैलेंस शीट को दुरुस्त करना है ताकि कंपनी भविष्य में नई फंडिंग के लिए पात्र बन सके।
AGM में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैपिटल रीस्ट्रक्चरिंग के अलावा मीटिंग में कई बड़े बदलावों पर मुहर लगी है:
- ऑडिटर की नियुक्ति: M/s. Sunit M. Chhatbar & Co. को अगले 5 साल के लिए नियुक्त किया गया है।
- बोर्ड में बदलाव: श्री उदयण एस. कच्छी को नॉन-एक्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
- फाइनेंशियल पावर: सेक्शन 186 के तहत बोर्ड को ₹100 करोड़ तक के लोन और गारंटी देने की अनुमति दी गई है।
- FPI लिमिट: कंपनी में FPI/FII होल्डिंग की सीमा को बढ़ाकर टोटल पेड-अप कैपिटल का 49% कर दिया गया है।
आगे क्या रखें नजर?
निवेशकों को अब BSE की वेबसाइट पर ऑफिशियल इफेक्टिव डेट और रिकॉर्ड डेट के ऐलान का इंतजार करना चाहिए। यह तारीख ही तय करेगी कि ये बदलाव डीमैट अकाउंट में कब से दिखेंगे।
