Shree Securities: कंपनी का बड़ा फैसला, **₹86.71 करोड़** के घाटे को कम करने के लिए होगा कैपिटल रिडक्शन

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Shree Securities: कंपनी का बड़ा फैसला, **₹86.71 करोड़** के घाटे को कम करने के लिए होगा कैपिटल रिडक्शन

Shree Securities Limited ने अपने बैलेंस शीट को दुरुस्त करने के लिए एक बड़े 'कैपिटल रिडक्शन' और 'कंसोलिडेशन' प्लान का ऐलान किया है। कंपनी अपने **₹86.71 करोड़** के संचित घाटे (accumulated losses) को खत्म करने के लिए **78.204 करोड़** शेयरों को कैंसिल करेगी।

क्या है कंपनी की योजना?

Shree Securities Limited ने अपनी 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 29 सितंबर 2026 को बुलाई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा कंपनी एक्ट के सेक्शन 66 और 61 के तहत शेयर कैपिटल को कम और रीस्ट्रक्चर करना है। कंपनी अपनी पेड-अप कैपिटल को ₹79.80 करोड़ से घटाकर ₹1.596 करोड़ पर लाने की तैयारी में है।

निवेशकों पर क्या असर होगा?

यह प्रक्रिया पूरी तरह से एक अकाउंटिंग एडजस्टमेंट है। इसमें 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 78.204 करोड़ शेयरों को कैंसिल किया जाएगा और बाकी बची कैपिटल को 10 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयरों में कंसोलिडेट किया जाएगा। ध्यान रहे, इससे निवेशकों की हिस्सेदारी का अनुपात (Proportion) नहीं बदलेगा और न ही कोई कैश आउटफ्लो होगा। इसका मुख्य उद्देश्य पुरानी गलतियों या घाटे को बैलेंस शीट से हटाकर कंपनी को भविष्य में फंड जुटाने के लिए सक्षम बनाना है।

बोर्ड में बड़े बदलाव

कैपिटल रीस्ट्रक्चरिंग के अलावा, कंपनी अपने गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए M/s. Sunit M Chhatbar & Co. को अगले 5 साल के लिए नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त करने जा रही है। साथ ही, Mr. Udayan S Kachchhy को नॉन-एक्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर बोर्ड में शामिल करने का प्रस्ताव है।

आगे की राह और रिस्क

यह पूरी कवायद अभी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मंजूरी पर टिकी है। जब तक NCLT और कानूनी क्लीयरेंस नहीं मिल जाते, यह स्कीम प्रभावी नहीं होगी। कंपनी ने 26 सितंबर से 28 सितंबर 2026 के बीच रिमोट ई-वोटिंग की सुविधा भी दी है, जिस पर निवेशकों की नजर बनी रहनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.