Shree Securities का मुनाफा धराशायी! कमाई गिरकर **₹0.06 करोड़** हुई, FPI लिमिट बढ़ाने की तैयारी

BANKINGFINANCE
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Shree Securities का मुनाफा धराशायी! कमाई गिरकर **₹0.06 करोड़** हुई, FPI लिमिट बढ़ाने की तैयारी

Shree Securities ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने कमजोर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹0.66 करोड़** से घटकर महज **₹0.06 करोड़** रह गया है, साथ ही रेगुलेटरी अनुपालन में देरी के चलते कंपनी मुश्किलों में घिरी है।

मुनाफे में बड़ी गिरावट और रेगुलेटरी सख्ती

कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की रिपोर्ट निवेशकों के लिए चिंताजनक है। NBFC का नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के ₹0.66 करोड़ से फिसलकर ₹0.06 करोड़ पर आ गया है। इस दौरान BSE ने समय पर फाइलिंग न करने के लिए कंपनी पर ₹10.25 लाख तक का जुर्माना भी लगाया है। कंपनी पर स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस (SDD) नियमों के उल्लंघन के भी आरोप हैं, जो गवर्नेंस पर सवाल खड़े करते हैं।

AGM में बड़े फैसलों की तैयारी

आगामी AGM में कंपनी ने कई बड़े बदलावों की योजना बनाई है। मैनेजमेंट FPI निवेश की सीमा को 49% तक बढ़ाने और ₹100 करोड़ तक के नए लोन गारंटी की मंजूरी लेने की कोशिश में है।

प्रमोटर्स का एग्जिट और लीडरशिप में बदलाव

कंपनी अपनी कायापलट करने के लिए पांच एंटिटीज—अमृता शर्मा, माणिक चंद पुगलिया, सुभाष चंद्र दाधीच, फैबर ट्रेक्सिम प्राइवेट लिमिटेड और मेघश्री क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड—को प्रमोटर श्रेणी से हटाकर पब्लिक कैटेगरी में री-क्लासिफाई कर रही है। साथ ही, कंपनी ने अगले 5 साल के लिए M/s. Sunit M. Chhatbar & Co. को नया स्टेट्युटरी ऑडिटर नियुक्त किया है।

हालांकि कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹0.68 करोड़ से बढ़कर ₹0.75 करोड़ हुआ है, लेकिन बेसिक EPS का 0.008 से गिरकर 0.001 पर पहुंचना मार्जिन के दबाव को साफ दर्शाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.