Shree Securities ने अपने बैलेंस शीट को सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी **1:10** के रेशियो में शेयर कंसोलिडेशन करेगी और विदेशी निवेश (FPI/FII/FDI) की सीमा को बढ़ाकर **49%** कर दिया है।
बैलेंस शीट को मिलेगी मजबूती
कंपनी सालों से हुए नुकसान (Losses) के कारण कमजोर हो चुकी अपनी बैलेंस शीट को साफ करने की कवायद में है। कंपनी ने Companies Act, 2013 के सेक्शन 66 और 61 के तहत अपने कैपिटल स्ट्रक्चर को बदलने का औपचारिक ऐलान किया है। इसके तहत शेयरों की फेस वैल्यू Re. 1 से बढ़कर Rs. 10 हो जाएगी।
विदेशी निवेशकों के लिए खुला रास्ता
मैनेजमेंट ने इस नई रणनीति के तहत विदेशी निवेश की सीमा को कुल पेड-अप इक्विटी कैपिटल के 49% तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। यह कदम संस्थागत निवेश (Institutional Capital) जुटाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
गवर्नेंस में बड़े फेरबदल
कंपनी ने रणनीतिक सुधारों के साथ कुछ नियुक्तियां भी की हैं:
- Udayan S. Kachchhy को अगले 5 साल के लिए नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
- M/s. Sunit M. Chhatbar & Co. को FY 2026-27 से FY 2030-31 तक के लिए नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर बनाया गया है।
निवेशकों के लिए जरूरी तारीखें
- 33वीं AGM: 29 सितंबर, 2026 (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए)।
- बुक क्लोजर: 23 सितंबर से 29 सितंबर, 2026 तक।
- ई-वोटिंग कट-ऑफ: 22 सितंबर, 2026।
आगे की राह और रिस्क
पूरी योजना अभी NCLT (Kolkata Bench) की मंजूरी पर टिकी है। शेयरधारकों को सलाह है कि वे रेगुलेटरी अपडेट्स पर कड़ी नजर रखें, क्योंकि बैलेंस शीट का यह 'क्लीनअप' भविष्य में कंपनी की वित्तीय स्थिति के लिए निर्णायक साबित होगा।
