Shree Securities के शेयरधारकों ने कंपनी के पेड-अप कैपिटल को **₹79.80 करोड़** से घटाकर **₹1.596 करोड़** करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, कंपनी अपने शेयरों का कंसोलिडेशन करेगी और FPI/FII निवेश सीमा को बढ़ाकर **49%** कर दिया गया है।
फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग की तैयारी
कंपनी ने अपनी 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में इस बड़े फाइनेंशियल बदलाव पर मुहर लगाई है। इसका मुख्य उद्देश्य संचित घाटे (accumulated losses) को खत्म करना और बैलेंस शीट को व्यवस्थित करना है। इस प्रक्रिया के तहत कंपनी 78.20 करोड़ शेयरों को खत्म कर रही है और बचे हुए शेयरों की फेस वैल्यू ₹1 से बढ़ाकर ₹10 की जाएगी।
क्यों बढ़ाई गई निवेश सीमा?
FPI और FII के लिए निवेश सीमा को 49% तक बढ़ाने और बोर्ड को ₹100 करोड़ तक के नए निवेश की अनुमति देने के फैसले से साफ है कि कंपनी भविष्य में बड़े स्ट्रैटेजिक निवेश की तैयारी में है।
नई नियुक्तियां और गवर्नेंस
बोर्ड ने श्री उदयण एस कच्छी (Udayan S Kachchhy) को 5 साल के लिए नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है। साथ ही, M/s. Sunit M Chhatbar & Co. को अगले 5 साल के लिए नया स्टैच्यूटरी ऑडिटर चुना गया है।
रिस्क और आगे क्या?
ध्यान दें कि यह पूरा रीस्ट्रक्चरिंग प्लान अभी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) कोलकाता बेंच की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है। निवेशकों को सलाह है कि वे आगामी BSE फाइलिंग्स पर नजर रखें ताकि इस प्रक्रिया की प्रभावी तारीख (effective date) का पता चल सके।
