Shree Salasar Investments ने FY26 के लिए अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट पिछले साल के **₹2.45 करोड़** से उछलकर **₹18.44 करोड़** पर पहुंच गया है, लेकिन स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस में गिरावट आई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के आंकड़े
कंपनी ने FY26 में जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹44.55 करोड़ के मुकाबले बढ़कर ₹112.73 करोड़ हो गया है। हालांकि, स्टैंडअलोन बिजनेस की बात करें तो नेट प्रॉफिट ₹1.39 करोड़ से घटकर ₹1.08 करोड़ पर आ गया है, जो कि निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
डिविडेंड पर बड़ा फैसला
मैनेजमेंट ने भविष्य के विस्तार और ग्रोथ पर फोकस करने के लिए इस साल किसी भी तरह का डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है। कंपनी अपनी पूरी पूंजी को बिजनेस के विकास में फिर से निवेश (reinvest) करेगी।
बोर्ड और मैनेजमेंट में बदलाव
कंपनी ने प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव किए हैं:
- Saumesh Ashok Mishra को 5 साल के लिए एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
- M/s B. L. Dasharda & Associates को नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर बनाया गया है, जो FY 2026-27 से FY 2030-31 तक अपनी सेवाएं देंगे। वे M/s Satya Prakash Natani & Co की जगह लेंगे।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी स्टैंडअलोन ऑपरेशंस में कैसे रिकवरी लाती है और कंसोलिडेटेड लेवल पर इस ग्रोथ को कैसे बरकरार रखती है। कैपिटल रिटेंशन की रणनीति का भविष्य में कंपनी के वैल्यूएशन पर क्या असर पड़ता है, इस पर नजर रखना जरूरी है।
