Shree Hanuman Sugar: भारी घाटा! कंपनी इंसॉल्वेंसी में, भविष्य NCLT के फैसले पर

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Shree Hanuman Sugar: भारी घाटा! कंपनी इंसॉल्वेंसी में, भविष्य NCLT के फैसले पर

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Shree Hanuman Sugar & Industries ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में **₹0.89 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है। यह पिछले साल के **₹0.42 करोड़** के लॉस से ज्यादा है। कंपनी अभी भी नॉन-ऑपरेशनल है और कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत चल रही है, जिसका भविष्य NCLT के फैसले पर निर्भर करेगा।

Shree Hanuman Sugar & Industries Ltd. के नतीजे

FY26 नेट लॉस: ₹0.89 करोड़
FY25 नेट लॉस: ₹0.42 करोड़
कुल आय (FY26): ₹0.04 करोड़
कुल आय (FY25): ₹0.004 करोड़

FY 2012-13 से नॉन-ऑपरेशनल

रीडर की नजर से: कंपनी का घाटा बढ़ रहा है और यह अभी भी ठीक से काम नहीं कर रही है। इसका भविष्य NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) में चल रही रेजोल्यूशन प्रक्रिया पर टिका है।

क्या हुआ?

Shree Hanuman Sugar & Industries Ltd. ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹0.89 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष के ₹0.42 करोड़ के नेट लॉस की तुलना में घाटे में बढ़ोतरी दर्शाता है। कंपनी की कुल आय मामूली बढ़कर ₹0.04 करोड़ हो गई, जो पिछले वर्ष ₹0.004 करोड़ थी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

यह कंपनी साल 2012-13 से ही नॉन-ऑपरेशनल है। बिहार के मोतिहारी में स्थित इसकी शुगर मिल लागत, पुरानी मशीनरी और लेबर समस्याओं के चलते बंद पड़ी है। कंपनी को जो भी आय हो रही है, वह 'अन्य आय' (Other Income) के रूप में वर्गीकृत है, न कि मुख्य व्यवसाय से। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही है, और एक रेजोल्यूशन प्लान NCLT में जमा किया गया है। कंपनी के ऑडिटर ने 'मटेरियल अनसर्टेनिटी' (Material Uncertainty) का हवाला देते हुए एक क्वालिफाइड ओपिनियन (Qualified Opinion) जारी किया है, जो कंपनी की गोइंग कंसर्न (Going Concern) के तौर पर जारी रहने की क्षमता पर सवाल उठाता है।

कंपनी की कहानी

Shree Hanuman Sugar का कामकाज साल 2012-13 से ही बंद है। तब से, कंपनी ने अपने मुख्य व्यवसाय से कोई राजस्व उत्पन्न नहीं किया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के नतीजे इसी परिचालन गतिरोध को दर्शाते हैं।

अब क्या बदलेगा?

कंपनी के भविष्य के संचालन की सारी उम्मीदें कोलकाता बेंच के NCLT द्वारा रेजोल्यूशन प्लान के अनुमोदन पर टिकी हैं। तब तक, यह इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन की स्थिति में ही रहेगी।

जोखिम

सबसे बड़ा जोखिम NCLT का रेजोल्यूशन प्लान पर फैसला है। इसके अलावा, ऑडिटर की ओर से अनुपालन, संपत्ति सत्यापन और ब्याज प्रावधानों को लेकर जारी की गई विस्तृत योग्यताएं, कंपनी के आंतरिक नियंत्रण और लेखांकन मुद्दों को उजागर करती हैं।

पीयर कम्पेरिजन

अधिकांश शुगर कंपनियां उत्पादन और राजस्व बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Shree Hanuman Sugar की स्थिति अपनी लंबी नॉन-ऑपरेशनल स्थिति और चल रही इंसॉल्वेंसी कार्यवाही के कारण बिल्कुल अलग है।

महत्वपूर्ण आंकड़े (समय-सीमा के अनुसार)

  • FY26 नेट लॉस: ₹0.89 करोड़ (₹89.42 लाख)
  • FY25 नेट लॉस: ₹0.42 करोड़ (₹42.27 लाख)
  • कुल आय FY26: ₹0.04 करोड़ (₹4.35 लाख)
  • कुल आय FY25: ₹0.004 करोड़ (₹0.45 लाख)
  • कुल संपत्ति (31.03.2026): ₹239.14 करोड़
  • कुल देनदारियां (31.03.2026): ₹87.27 करोड़
  • नेट वर्थ (31.03.2026): ₹151.86 करोड़

आगे क्या देखें

निवेशकों को NCLT में रेजोल्यूशन प्लान से संबंधित कार्यवाही और कंपनी की इंसॉल्वेंसी स्थिति पर किसी भी नए अपडेट पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।

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Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.