Shivom Investment: NCLT से मिली मंजूरी के बाद कंपनी में बड़ा बदलाव, मुनाफे की राह पर लौटा शेयर

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AuthorAditya Rao|Published at:
Shivom Investment: NCLT से मिली मंजूरी के बाद कंपनी में बड़ा बदलाव, मुनाफे की राह पर लौटा शेयर

Shivom Investment & Consultancy ने NCLT द्वारा मंजूर किए गए रिजॉल्यूशन प्लान के तहत कामकाज शुरू कर दिया है। कंपनी ने भारी इक्विटी रीस्ट्रक्चरिंग के साथ प्रॉफिट में वापसी की है और अब ट्रेडिंग सस्पेंशन हटाने की तैयारी में है।

क्या है कंपनी का नया रिजॉल्यूशन प्लान?

18 अगस्त, 2025 को NCLT से मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी अपने पूरे कॉर्पोरेट रिवाइवल पर काम कर रही है। फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की बात करें तो कंपनी ने मार्च तिमाही (Q4 FY25) में ₹3.70 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि जून तिमाही (Q1 FY26) में यह ₹0.79 करोड़ रहा। पिछले साल के नुकसान के मुकाबले यह एक बड़ी रिकवरी है।

इक्विटी का पूरा गणित

कोर्ट के प्लान के तहत, पुरानी 6,99,51,325 शेयर कैपिटल को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। मौजूदा पब्लिक शेयरधारकों को अब हर 1,000 शेयरों के बदले 1 शेयर मिलेगा। इसके अलावा:

  • अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स को 3,00,000 शेयर जारी किए जाएंगे।
  • नए प्रमोटर ग्रुप ने 60,00,000 नए शेयरों का सब्सक्रिप्शन लिया है।
  • कंपनी कर्ज निपटाने के लिए ₹21.46 करोड़ के कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (CCDs) जारी करेगी।

निवेशकों के लिए चेतावनी

हालांकि कंपनी मुनाफे में है, लेकिन निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि शेयरों की ट्रेडिंग अभी भी सस्पेंडेड है। 16 अप्रैल, 2025 को सस्पेंशन हटाने की अर्जी दी गई थी, लेकिन अभी तक कोई तारीख तय नहीं है। साथ ही, अभी शेयर केवल फिजिकल फॉर्म में हैं और सेंट्रल डिपॉजिटरी सिस्टम में इन्हें शामिल होना बाकी है। फिलहाल नई मैनेजमेंट के पास कंपनी की 94.99% हिस्सेदारी है, जिससे प्रमोटर कंट्रोल पूरी तरह बदल गया है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.