Shivom Investment & Consultancy Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए **₹3.70 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले साल कंपनी को **₹0.49 करोड़** का नुकसान हुआ था। इसके साथ ही कंपनी ने NCLT-मंजूर रिजॉल्यूशन प्लान और ट्रेडिंग सस्पेंशन हटाने को लेकर अहम जानकारी साझा की है।
मुनाफे में बदली कंपनी की तस्वीर
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2025 के ऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं, जो एक बड़े टर्नअराउंड की कहानी बयां करते हैं। कंपनी की टोटल इनकम बढ़कर ₹3.87 करोड़ पर पहुंच गई है, जबकि पिछले साल यह केवल ₹0.17 करोड़ थी। मुनाफे की राह पर लौटते हुए कंपनी ने ₹3.70 करोड़ का नेट प्रॉफिट हासिल किया है, जो पिछली बार ₹0.49 करोड़ के नुकसान में थी।
NCLT रिजॉल्यूशन प्लान का असर
अगस्त 2025 में NCLT द्वारा मंजूर किए गए रिजॉल्यूशन प्लान के तहत कंपनी अपना कायाकल्प कर रही है। इस प्रक्रिया में शेयरों का कैंसिलेशन और 1:1,000 के अनुपात में शेयर कंसोलिडेशन शामिल है। कंपनी प्रमोटरों और अनसिक्योर्ड फाइनेंशियल क्रेडिटर्स को नया इक्विटी शेयर जारी कर रही है, साथ ही ₹21.46 करोड़ के कर्ज को 0% Compulsorily Convertible Debentures (CCDs) में बदला जा रहा है।
ट्रेडिंग पर सस्पेंशन का पेंच
कंपनी ने 16 अप्रैल, 2025 को एक्सचेंज से अपना ट्रेडिंग सस्पेंशन हटाने के लिए आवेदन किया है। फिलहाल यह मामला रेगुलेटरी रिव्यू के अधीन है।
निवेशकों के लिए जोखिम:
- लिक्विडिटी का संकट: जब तक एक्सचेंज ट्रेडिंग शुरू करने की मंजूरी नहीं देता, तब तक शेयर में लिक्विडिटी की समस्या बनी रहेगी।
- इक्विटी डाइल्यूशन: भविष्य में CCDs का इक्विटी में कन्वर्जन होने से मौजूदा शेयरधारकों के लिए डाइल्यूशन का जोखिम बना रहेगा।
अगले दौर में निवेशकों को एक्सचेंज की ओर से ट्रेडिंग दोबारा शुरू करने की तारीख और CCDs के अलॉटमेंट की अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
