Shivalik Rasayan अपने शेयरधारकों से ₹33 करोड़ जुटाने के लिए प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) के जरिए इक्विटी शेयर और वारंट जारी करने की मंजूरी मांग रही है। इस पैसे का इस्तेमाल रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), उपकरण खरीदने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
Detailed Coverage
Shivalik Rasayan का बड़ा कदम: R&D और विस्तार के लिए ₹33 करोड़ जुटाने की तैयारी
कंपनी अपने शेयरधारकों से इक्विटी शेयर और वारंट जारी कर ₹33 करोड़ की राशि जुटाने की योजना बना रही है। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए जल्द ही एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई जाएगी।
इस फंड का इस्तेमाल कहाँ होगा?
कंपनी इस जुटाई गई रकम का इस्तेमाल अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को मजबूत करने, नई मशीनरी खरीदने और प्लांट इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में करेगी। इसके अलावा, कुछ पैसा सामान्य कॉर्पोरेट खर्चों के लिए भी रखा जाएगा। ₹18 करोड़ R&D एक्टिविटीज पर, ₹7 करोड़ R&D इक्विपमेंट्स और प्लांट इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होंगे। बाकी बचे ₹8 करोड़ जनरल कॉर्पोरेट पर्पज के लिए होंगे।
प्रेफरेंशियल इश्यू की डिटेल्स
इस इश्यू के तहत 3,72,000 इक्विटी शेयर और 9,48,000 वारंट जारी किए जाएंगे। हर शेयर और वारंट की कीमत ₹250 रखी गई है। अगर सभी वारंट कन्वर्ट होते हैं, तो कंपनी कुल ₹33 करोड़ जुटा पाएगी। वारंट होल्डर्स को 25% पेमेंट अभी करना होगा, और बाकी का भुगतान 18 महीनों के अंदर वारंट कन्वर्जन के समय किया जाएगा।
शेयरधारकों के लिए क्या है खास?
फायदा: यह फंड कंपनी के R&D और विस्तार योजनाओं को गति देगा, जिससे भविष्य में ग्रोथ की उम्मीद बढ़ेगी।
जोखिम: नए शेयर जारी होने से मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी (Stake) कम हो सकती है, यानी डाइल्यूशन (Dilution) का खतरा है। साथ ही, अगर वारंट होल्डर्स कन्वर्जन नहीं करते हैं, तो उनके द्वारा दिया गया शुरुआती भुगतान जब्त हो सकता है।
आगे क्या?
निवेशकों को 20 अगस्त 2026 को होने वाली EGM के नतीजों पर नजर रखनी चाहिए। फंड के सही इस्तेमाल और वारंट कन्वर्जन की प्रगति पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
