Sharp Investments Limited ने Rajal Lefin & Commercial Private Limited को खरीदने के लिए **27.51 करोड़** इक्विटी शेयर जारी करने का ऐलान किया है। यह एक शेयर-स्वैप डील है, जिसमें मौजूदा शेयरधारकों के लिए इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) का रिस्क बना हुआ है।
क्या है डील का गणित?
Sharp Investments Limited ने कंपनी के विस्तार के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी 27,51,51,600 नए इक्विटी शेयर जारी करने जा रही है, जिनकी कीमत ₹1 प्रति शेयर तय की गई है। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए कंपनी Rajal Lefin & Commercial Private Limited में 100% हिस्सेदारी हासिल करेगी। यह एक नॉन-कैश डील है, यानी इस अधिग्रहण के लिए कंपनी अपनी जेब से नकद खर्च नहीं करेगी, बल्कि शेयरों की अदला-बदली (Share-swap) का सहारा लिया जाएगा।
निवेशकों पर क्या होगा असर?
इस अधिग्रहण से कंपनी का एसेट बेस तो बढ़ेगा, लेकिन मौजूदा शेयरधारकों के लिए 'इक्विटी डाइल्यूशन' की चिंता बढ़ गई है। नए शेयर जारी होने से कुल शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी, जिसका सीधा असर प्रति शेयर आय (EPS) और निवेशकों की होल्डिंग प्रतिशत पर पड़ता है।
किसे मिलेंगे कितने शेयर?
यह शेयर सात नॉन-प्रमोटर कॉरपोरेट एंटिटीज को जारी किए जाएंगे। इनमें Burnpur Power Private Limited सबसे बड़ा हिस्सा प्राप्त करेगी, जिसे 8.43 करोड़ शेयर मिलेंगे। इसके अलावा Wonderland Paper Suppliers और Multifold Plastic Marketing को भी शेयर आवंटित किए जाएंगे। इन शेयरों की कीमत SEBI के (ICDR) रेगुलेशंस, 2018 के नियमों के मुताबिक तय की गई है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल इस डील को शेयरधारकों की मंजूरी और स्टॉक एक्सचेंज की अंतिम मुहर का इंतजार है। कंपनी ने संकेत दिए हैं कि रेगुलेटरी क्लियरेंस मिलने के 15 दिनों के भीतर आवंटन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि नई सहायक कंपनी का एकीकरण (Integration) कारोबार की क्वालिटी पर कैसा असर डालता है।
