Shalibhadra Finance Ltd की 35वीं AGM में निवेशकों ने सभी 8 प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगा दी है। अब कंपनी को फंड जुटाने और NCD जारी करने की पूरी छूट मिल गई है।
AGM में पास हुए सभी प्रस्ताव
Shalibhadra Finance की 35वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कंपनी के कामकाज को लेकर बड़े फैसले लिए गए हैं। शेयरधारकों ने FY26 के फाइनेंशियल नतीजों को अपनाने के साथ-साथ डिविडेंड डिक्लेरेशन पर भी हामी भर दी है। इस मीटिंग में वत्सल एम. दोशी को मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।
कंपनी को मिली ये बड़ी शक्तियां
बोर्ड को अब भविष्य के लिए अधिक फ्लेक्सिबिलिटी मिल गई है। कंपनी अब NCDs (Non-Convertible Debentures) जारी कर सकेगी और अपनी उधार लेने की लिमिट को भी बढ़ा सकेगी। इसके अलावा, बोर्ड को किसी भी बिजनेस अंडरटेकिंग को डिस्पोज (बेचने या लीज पर देने) करने की शक्ति दी गई है, जो कंपनी की भविष्य की रणनीतिक दिशा के लिए बेहद अहम है।
वोटिंग का गणित
कंपनी के डायरेक्टर की नियुक्तियों से जुड़े प्रस्तावों (रिजॉल्यूशन 3, 4 और 5) पर 1.33 करोड़ से ज्यादा वोट प्रमोटर ग्रुप के हित जुड़े होने के कारण अमान्य (Invalid) रहे। हालांकि, पब्लिक नॉन-इंस्टीट्यूशनल शेयरधारकों के वोटों के जरिए ये प्रस्ताव सफलतापूर्वक पास हो गए। वहीं, फंड जुटाने और बोरिंग लिमिट जैसे वित्तीय प्रस्तावों को शेयरधारकों से 100% का पूर्ण समर्थन मिला।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को अब कंपनी की ओर से आने वाली एक्सचेंज फाइलिंग पर नजर रखनी चाहिए, जिसमें NCD इश्यू करने की टाइमलाइन और जुटाई गई पूंजी के इस्तेमाल की जानकारी साझा की जाएगी। कंपनी के बोर्ड द्वारा अपने एसेट्स बेचने या लीज पर देने के फैसले पर भी बाजार की बारीक नजर बनी रहेगी।
