Shalibhadra Finance Ltd ने FY26 के लिए **5%** डिविडेंड की घोषणा की है। कंपनी अपने व्हीकल फाइनेंसिंग कारोबार को नए राज्यों में फैलाने के लिए **₹80 करोड़** जुटाने की योजना बना रही है।
मुनाफे में दमदार उछाल
कंपनी के फाइनेंशियल परफॉरमेंस की बात करें तो FY 2025-26 में इनका नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹19.48 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹16.00 करोड़ था। कंपनी की कुल इनकम ₹41.10 करोड़ रही, जिसे ₹215 करोड़ के हेल्थी AUM का सहारा मिला है।
फंड जुटाने की तैयारी और विस्तार
30 सितंबर 2026 को होने वाली AGM में कंपनी अपने बोरिंग लिमिट को बढ़ाकर ₹200 करोड़ करने और ₹200 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने पर मंजूरी मांगेगी। कंपनी अब कर्नाटक और गोवा जैसे नए बाजारों में पैर पसारने की तैयारी में है। वर्तमान में कंपनी के चार राज्यों में 62 ब्रांच हैं। कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 78.28% है, जो 15% की रेग्युलेटरी लिमिट से काफी ज्यादा मजबूत है।
रिस्क फैक्टर: टैक्स का पेंच
निवेशकों को कंपनी पर चल रहे टैक्स लिटिगेशन पर नजर रखनी चाहिए। इनकम टैक्स अथॉरिटीज ने असेसमेंट ईयर 2017-18 के लिए ₹7.79 करोड़ की डिमांड की है। हालांकि मैनेजमेंट अपील प्रक्रिया में सकारात्मक परिणाम को लेकर आश्वस्त है, लेकिन कोई भी विपरीत फैसला बैलेंस शीट पर असर डाल सकता है।
पिछली हाइलाइट्स
जून 2025 में कंपनी ने 3:1 के रेशियो में बोनस शेयर जारी किए थे, जिसके तहत 2.31 करोड़ से अधिक शेयर बांटे गए। ICRA ने कंपनी को BBB- (स्टेबल) रेटिंग दी है, जो व्हीकल फाइनेंसिंग सेक्टर में इसके क्रेडिट प्रोफाइल को दर्शाता है।
