Shalibhadra Finance Limited ने ग्रामीण लॉजिस्टिक्स बाजार पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए यूज्ड कमर्शियल व्हीकल फाइनेंसिंग का नया वर्टिकल लॉन्च किया है। कंपनी अब अपने मौजूदा रिटेल पोर्टफोलियो को और विविधता प्रदान करने के लिए ट्रांसपोर्ट वाहनों की खरीद और रिफाइनेंसिंग के लिए लोन उपलब्ध कराएगी।
बाजार में विस्तार की रणनीति
Shalibhadra Finance ने अपनी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए अब यूज्ड कमर्शियल व्हीकल (UCV) फाइनेंसिंग के क्षेत्र में कदम रखा है। कंपनी का मकसद ग्रामीण इलाकों में लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की अनछुई मांग को भुनाना है। इसके जरिए कंपनी न केवल पुराने कमर्शियल वाहनों की खरीद के लिए कर्ज देगी, बल्कि मौजूदा मालिकों को रिफाइनेंसिंग की सुविधा भी प्रदान करेगी।
पोर्टफोलियो में बदलाव और ताकत
कंपनी का मौजूदा एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹220 करोड़ से अधिक है और इसका ग्राहक आधार 1 लाख से ज्यादा लोगों का है। अभी तक कंपनी मुख्य रूप से टू-व्हीलर, कार, प्रॉपर्टी और पर्सनल लोन सेगमेंट में सक्रिय थी, लेकिन अब UCV सेक्टर में उतरने से उसे हायर यील्ड मार्जिन मिलने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
यह कदम कंपनी के लॉन्ग-टर्म डायवर्सिफिकेशन प्लान का हिस्सा है। कंपनी अपनी मौजूदा कलेक्शन टीम और इन्फ्रास्ट्रक्चर का ही इस्तेमाल करेगी, जिससे ओवरहेड कॉस्ट में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होगी। हालांकि, निवेशकों को इस नए सेगमेंट में कंपनी की एसेट क्वालिटी पर नजर रखनी होगी, क्योंकि ग्रामीण इलाकों में ट्रांसपोर्ट सेक्टर मैक्रो-इकोनॉमिक बदलावों और ईंधन की कीमतों के प्रति काफी संवेदनशील होता है।
अगले कुछ तिमाही नतीजों में यह साफ होगा कि कंपनी इस नए वर्टिकल से कैसा प्रदर्शन कर रही है और NPA लेवल को नियंत्रित रखने में कितनी सफल होती है।
