Shah Metacorp के FY26 नतीजे: रेवेन्यू में उछाल, लेकिन प्रॉफिट पर बैड डेट्स का साया
Shah Metacorp Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे घोषित कर दिए हैं। नतीजों के अनुसार, कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में तो शानदार 29.43% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹176.16 करोड़ से बढ़कर ₹228.01 करोड़ पर पहुंच गया।
प्रॉफिट में भारी गिरावट का कारण
हालांकि, कंपनी के लिए चिंता की बात यह रही कि कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 62.76% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। FY25 में जहां कंपनी का मुनाफा ₹32.60 करोड़ था, वहीं FY26 में यह घटकर सिर्फ ₹12.14 करोड़ रह गया। इस भारी गिरावट की मुख्य वजह डूबत ऋण (Doubtful Debts) के लिए ₹56.89 करोड़ का किया गया बड़ा प्रोविजन है, जिसका असर खासतौर पर एक्सपोर्ट से मिलने वाले पैसों पर पड़ा है।
रणनीतिक कदम और पूंजी जुटाने की योजना
कंपनी ने यह भी बताया कि वह आगे चलकर ₹50 करोड़ का राइट्स इश्यू (Rights Issue) लाने की योजना बना रही है। यह पूंजी जुटाने के लिए है। इसके अलावा, कंपनी ने General Capital and Holding Company Private Limited (85.60% हिस्सेदारी) और Metacorp Trading LLC (80.00% हिस्सेदारी) का अधिग्रहण भी पूरा कर लिया है।
पिछले साल की स्थिति और ऑडिट रिपोर्ट
पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 में Shah Metacorp ने ₹176.16 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹32.60 करोड़ का कंसोलिडेटेड PAT दर्ज किया था। इस बार के नतीजों में एक्सपोर्ट रिसीवेबल्स (Export Receivables) को मैनेज करने में चुनौती दिखी है, क्योंकि बड़ी मात्रा में बकाया पैसों को डाउटफुल माना गया है। राहत की बात यह है कि कंपनी के ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों पर ऑडिटर की तरफ से अनमॉडिफाइड ओपिनियन (Unmodified Opinion) यानी क्लीन चिट मिली है।
आगे की राह और जोखिम
अब निवेशकों की नजरें कंपनी द्वारा ₹76.26 करोड़ के बकाया एक्सपोर्ट रिसीवेबल्स को वसूलने की कोशिशों पर रहेंगी, जिसके लिए ₹56.89 करोड़ का प्रोविजन किया गया है। इन पैसों की रिकवरी कंपनी के भविष्य के मुनाफे पर सीधा असर डालेगी। राइट्स इश्यू की योजना से लगता है कि कंपनी को अपने ऑपरेशंस, अधिग्रहण या विस्तार परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता हो सकती है। कंपनी ने Shah Metacorp Holding USA Inc. में USD 1 लाख का निवेश और Strike Eco Grid Private Limited में 26% हिस्सेदारी भी खरीदी है।
निवेशकों के लिए मुख्य बातें
सबसे बड़ा जोखिम एक्सपोर्ट रिसीवेबल्स की वसूली का है। अगर ये डूबे हुए पैसे वापस नहीं मिले तो कंपनी के फाइनेंशियल पर दबाव बना रह सकता है। वहीं, कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल के ₹170.78 करोड़ से घटकर ₹168.14 करोड़ हो गया है, जो डोमेस्टिक ऑपरेशंस में कुछ चुनौतियों की ओर इशारा कर रहा है।
