SecMark Consultancy: क्वार्टर 1 में ₹19 लाख का घाटा, मर्जर की योजना को मिली मंजूरी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
SecMark Consultancy: क्वार्टर 1 में ₹19 लाख का घाटा, मर्जर की योजना को मिली मंजूरी

SecMark Consultancy ने जून तिमाही में **₹19 लाख** का घाटा दर्ज किया है, जो पिछली तिमाही के मुनाफे से एक बड़ा बदलाव है। कंपनी के बोर्ड ने मर्जर (Amalgamation) की योजना को मंजूरी दी है, जिसके लिए कई रेगुलेटरी अप्रूवल की आवश्यकता होगी।

SecMark Consultancy: ₹19 लाख के घाटे में, मर्जर की योजना को मिली मंजूरी

SecMark Consultancy Ltd ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹19 लाख (₹18.66 लाख) का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है। यह 31 मार्च, 2026 को समाप्त पिछली तिमाही में ₹4.49 करोड़ (₹449.05 लाख) के मुनाफे की तुलना में एक बड़ी गिरावट है। हालांकि, पिछले साल की इसी तिमाही में हुए ₹90 लाख (₹89.99 लाख) के घाटे की तुलना में इसमें सुधार हुआ है।

रेवेन्यू में भी आई गिरावट

जून तिमाही के लिए रेवेन्यू (Revenue) ₹10.35 करोड़ (₹1034.50 लाख) रहा, जो मार्च तिमाही के ₹14.30 करोड़ (₹1430.16 लाख) से कम है।

मर्जर की योजना को मिली हरी झंडी

कंपनी के बोर्ड ने एक मर्जर (Amalgamation) योजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत Codifi Finserv Private Limited और SecMark Holding Private Limited, SecMark Consultancy Limited के साथ मर्ज हो जाएंगी। इस प्रक्रिया को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), SEBI, ROC और शेयरधारकों से मंजूरी मिलनी बाकी है।

जोखिम और आगे क्या?

मर्जर के लिए जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल मिलना मुख्य जोखिम है। साथ ही, कंपनी की कमाई में आई यह गिरावट आय को स्थिर करने की जरूरत को भी उजागर करती है। 'सॉफ्टवेयर सपोर्ट सर्विसेज' पर ₹3.50 करोड़ और सॉफ्टवेयर खरीद पर ₹1.37 करोड़ के डेप्रिसिएशन (Depreciation) जैसे बड़े खर्चे भी एक महत्वपूर्ण कारक हैं। निवेशकों को मर्जर की प्रगति और कंपनी की लाभप्रदता में वापसी की उम्मीदों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.