Saumya Consultants ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के कमजोर नतीजे पेश किए हैं। पिछले साल के मुकाबले कंपनी का मुनाफा सीधे नुकसान में बदल गया है। साथ ही, कंपनी अब अपने वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditors) को बदलने की तैयारी में है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में बड़ी गिरावट
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। Saumya Consultants का नेट प्रॉफिट जो पहले ₹921.14 लाख था, वह अब गिरकर ₹43.72 लाख के नुकसान (Loss) में आ गया है। कंपनी की प्रति शेयर कमाई (EPS) भी गिरकर -₹6.33 पर पहुंच गई है, जो पिछले साल ₹13.34 थी। इस खराब प्रदर्शन के चलते बोर्ड ने इस साल कोई डिविडेंड न देने का फैसला किया है।
नुकसान की मुख्य वजह
मैनेजमेंट का कहना है कि यह गिरावट कंपनी के निवेश पोर्टफोलियो (Investment Portfolio) के 'फेयर वैल्यू' में उतार-चढ़ाव की वजह से आई है। मार्केट की स्थितियों ने कंपनी के एसेट प्रदर्शन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर निवेशकों की कमाई पर पड़ा है।
ऑडिटर में बदलाव
कंपनी अब अपने वैधानिक ऑडिटर M/s A.K. Meharia & Associates का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नया बदलाव करने जा रही है। 24 सितंबर 2026 को होने वाली 33वीं AGM में शेयरहोल्डर्स M/s ALPS & Co. को अगले 5 साल के लिए नियुक्त करने पर मतदान करेंगे।
आगे क्या?
कंपनी ने गवर्नेंस के मोर्चे पर 13 बोर्ड मीटिंग्स की हैं और सभी संबंधित ट्रांजैक्शन पारदर्शी रखे हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने निवेश पोर्टफोलियो की रिकवरी कैसे करती है और नए ऑडिटर की नियुक्ति से कॉरपोरेट कामकाज में क्या बदलाव आता है।
