Sarda Proteins ने अपने ओपन ऑफर (Open Offer) की तारीखों में बदलाव किया है। यह बदलाव वॉरंट को इक्विटी शेयर में बदलने के बाद आया है। ऑफर प्राइस ₹115 प्रति शेयर ही रहेगा, और निवेशक **11 जून से 24 जून, 2026** तक अपने शेयर बेच सकेंगे। मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) के नियमों के अनुपालन को लेकर जोखिम पर ध्यान देना ज़रूरी है।
Sarda Proteins ने बदली ओपन ऑफर की समय-सीमा
ऑफर प्राइस: ₹115.00 प्रति इक्विटी शेयर
ऑफर शेयर्स: 17,30,400 इक्विटी शेयर्स
**क्या है ख़ास?
Sarda Proteins Limited ने अपने ओपन ऑफर के लिए एक सुधार (Corrigendum) जारी किया है। यह कदम 72,50,000 वॉरंट को इक्विटी शेयर्स में बदलने के बाद उठाया गया है, जिससे कंपनी के नियंत्रण में बदलाव आया है। अब यह ओपन ऑफर 11 जून, 2026 से 24 जून, 2026 तक चलेगा। ऑफर प्राइस ₹115.00 प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है, जिसके तहत 17,30,400 शेयर्स की पेशकश की जाएगी। इस प्रक्रिया में एक्वायरर Onix Renewable Limited और इससे जुड़े लोग (PACs) शामिल हैं। कंपनी ने शेयर्स की जब्ती (Forfeiture) के कारण अपने पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल में एक विसंगति को भी ठीक किया है।
क्यों ज़रूरी है ये बदलाव?
यह बदली हुई समय-सीमा उन पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए ज़रूरी स्पष्टता लाती है जो ओपन ऑफर में हिस्सा लेना चाहते हैं। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की समिति ने ₹115.00 के ऑफर प्राइस को उचित और स्वीकार्य बताया है। निवेशकों के लिए एक अहम बात यह है कि वॉरंट बदलने के बाद प्रमोटर की शेयरहोल्डिंग बढ़कर 80.72% हो गई है, जो 75% की सीमा से ज़्यादा है। इससे मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) के नियमों का पालन न होने की चिंताएं बढ़ गई हैं, और यदि इसे ठीक नहीं किया गया तो रेगुलेटरी कार्रवाई हो सकती है।
पूरी कहानी
यह ओपन ऑफर वॉरंट्स के कन्वर्जन से शुरू हुआ। ये वॉरंट्स 18 मार्च, 2026 को एक्वायरर, PACs और कुछ पब्लिक शेयरहोल्डर्स को आवंटित किए गए थे। इस कन्वर्जन के परिणामस्वरूप 19.28% वोटिंग शेयर कैपिटल का अधिग्रहण हुआ और कुल शेयर कैपिटल 89,75,900 शेयर्स हो गया।
अब क्या बदलेगा?
ओपन ऑफर के लिए शेयर बेचने की अवधि अब आधिकारिक तौर पर 11 जून, 2026 से 24 जून, 2026 तक तय की गई है। अन्य प्रक्रियाएं, जैसे कि रिजेक्शन/एक्सेप्टेंस की सूचना और भुगतान, 30 जून, 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है। ऑफर के बाद का विज्ञापन 03 जुलाई, 2026 तक आएगा। भाग लेने के इच्छुक शेयरहोल्डर्स को इन तारीखों पर नज़र रखनी होगी।
जोखिम पर नज़र
सबसे बड़ा जोखिम मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) की ज़रूरतों का पालन न करना है। प्रमोटर की 80.72% होल्डिंग के साथ, कंपनी को SEBI के नियमों का पालन करने के लिए इसे कम करना होगा, वरना जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। कंपनी पर पहले भी रेगुलेटरी फाइलिंग में देरी के मामले सामने आए हैं, और BSE को बोर्ड मीटिंग की जानकारी देने में देरी के लिए एक छोटा जुर्माना भी देना पड़ा था।
भविष्य में क्या देखें?
निवेशकों को Sarda Proteins के उन कदमों पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए जो मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियमों का पालन न करने की समस्या को हल करने के लिए उठाए जाएंगे। ओपन ऑफर में कितनी भागीदारी होती है और प्रमोटर होल्डिंग को कम करने के लिए कंपनी आगे क्या कदम उठाती है, यह देखना अहम होगा।
