Saraswati Commercial (India) Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) **73%** बढ़कर **₹92.31 करोड़** हो गया है, साथ ही रेवेन्यू में भी **60%** की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के लिए पिछला साल बेहद सफल रहा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹53.43 करोड़ के मुकाबले, इस बार कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹92.31 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी की कुल आय में भी 60.3% का उछाल आया है, जो ₹120.96 करोड़ रही। वहीं, बेसिक अर्निंग पर शेयर (EPS) भी बढ़कर ₹842.32 हो गया है, जो पिछले साल ₹517.51 था।
क्यों है यह अहम?
कंपनी ने इस बार कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है, क्योंकि उनका ध्यान अभी इंटरनल ऑपरेशंस को मजबूत करने पर है। कंपनी अपनी 43वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखने वाली है, जिसमें ग्रुप एंटिटीज के साथ रिवॉल्विंग लोन फैसिलिटीज और ब्रोकिंग सर्विसेज जैसे 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन' (RPTs) के लिए मंजूरी मांगी जाएगी।
इन जोखिमों पर रखें नजर
निवेशकों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के रेगुलेटरी बदलावों पर नजर रखनी चाहिए। NBFC के क्रेडिट नियमों में अगर कोई कड़ा बदलाव आता है, तो कंपनी के बिजनेस मॉडल पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, Winro Commercial और Geecee Ventures के साथ होने वाले RPTs की 'आर्म्स लेंथ प्राइसिंग' भी चर्चा का विषय है, जिस पर निवेशकों को बारीक नजर रखनी चाहिए।
गवर्नेंस का हाल
कंपनी के ऑडिटर्स ने फाइनेंशियल रिपोर्टिंग को लेकर 'अनमॉडिफाइड ओपिनियन' दिया है, जो कंपनी के गवर्नेंस और ट्रांसपेरेंसी के लिहाज से एक अच्छा संकेत माना जा रहा है।
