Sanmit Infra को मिली ₹2 करोड़ की वर्किंग कैपिटल?
Sanmit Infra Limited के बोर्ड ने हाल ही में ICICI Bank से ₹2 करोड़ का वर्किंग कैपिटल टर्म लोन (Working Capital Term Loan) लेने की मंजूरी दी है। यह लोन ECLGS 5.0 स्कीम के तहत मंजूर हुआ है। इस लोन की कुल अवधि 5 साल है, जिसमें पहले 12 महीने की मोरेटोरियम (Moratorium) यानी EMI से छूट मिलेगी। इसके बाद, अगले 48 महीनों में बराबर किस्तों में EMI चुकानी होगी।
कंपनी के लिए यह क्यों अहम है?
इस नए फाइनेंसिंग से Sanmit Infra को अपनी छोटी अवधि की ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करने और मौजूदा एसेट्स (Current Assets) को फंड करने में मदद मिलेगी। सरकार समर्थित ECLGS स्कीम के तहत मिलने वाले इस लोन से कंपनी को कुछ बेहतर शर्तें मिलने की उम्मीद है।
कंपनी की बैकस्टोरी
Sanmit Infra Limited इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम करती है। इस सेक्टर में प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी बनाए रखने के लिए वर्किंग कैपिटल का कुशल प्रबंधन बहुत ज़रूरी होता है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी को अब अपनी वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त फंड्स मिलेंगे, जिससे ऑनगोइंग प्रोजेक्ट्स और रोज़मर्रा के ऑपरेशन्स को सपोर्ट मिल सकता है। यह लोन मौजूदा सिक्योरिटीज पर सेकंड-रैंकिंग चार्ज (Second-ranking charge) और लोन से बनाए गए एसेट्स पर चार्ज द्वारा सुरक्षित है।
ध्यान रखने वाली बातें
इन्वेस्टर्स को कुछ कंप्लायंस रिस्क (Compliance Risks) पर ध्यान देना चाहिए। अगर तय समय सीमा के अंदर जरूरी सिक्योरिटी को बनाने और परफेक्ट करने में कंपनी नाकाम रहती है, तो अतिरिक्त ब्याज शुल्क देना पड़ सकता है। लोन की ब्याज दर 9.00% तक कैप्ड (Capped) है, लेकिन यह I-EBLR से लिंक्ड (Linked) होने के कारण वेरिएबल (Variable) है, जिसका मतलब है कि कर्ज की लागत इस कैप तक ऊपर-नीचे हो सकती है।
भविष्य में क्या देखें?
इन्वेस्टर्स को कंपनी की सिक्योरिटी परफेक्शन की टाइमलाइन और नए फंड्स के साथ वर्किंग कैपिटल को मैनेज करने की क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए।
