Sammaan Capital ने साफ किया है कि EOW दिल्ली पुलिस की FIR में वे आरोपी नहीं, बल्कि पीड़ित हैं। कंपनी ने बताया कि सारे लोन के पैसे वसूल हो चुके हैं और कई एजेंसियां पहले ही कंपनी को क्लीन चिट दे चुकी हैं।
Sammaan Capital Limited: कानूनी और रेगुलेटरी क्लैरिफिकेशन
Sammaan Capital Limited (SCL) ने एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) और दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग (EOW) द्वारा 15 दिसंबर 2025 को दर्ज की गई FIR के संबंध में एक बड़ा खुलासा किया है। कंपनी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे इस FIR में आरोपी नहीं हैं।
क्या हुआ?
Sammaan Capital Limited (SCL) अपनी चल रही पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) और इससे जुड़ी इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग (EOW) FIR में अपनी स्थिति स्पष्ट कर रही है। कंपनी ने बताया है कि वे इस मामले में आरोपी नहीं, बल्कि पीड़ित हैं।
क्यों ज़रूरी है ये क्लैरिफिकेशन?
यह स्पष्टीकरण कंपनी की कानूनी स्थिति को लेकर निवेशकों की चिंताओं को दूर करने के लिए है। पीड़ित होने की पुष्टि और फंड की रिकवरी निवेशकों का विश्वास बनाए रखने और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
रीडर टेकअवे: पीड़ित स्थिति की पुष्टि; लोन के पैसे वसूल।
क्या हुआ?
Sammaan Capital Limited ने दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग (EOW) द्वारा 15 दिसंबर 2025 को दर्ज की गई FIR के संबंध में अपनी भूमिका स्पष्ट की है। SCL ने कहा है कि वे आरोपी नहीं हैं, बल्कि कुछ खास बॉरोअर ग्रुप्स और इसके पूर्व प्रमोटर एंटिटीज से जुड़े कथित क्विड प्रो क्वो (quid pro quo) अरेंजमेंट्स का शिकार हुए हैं।
11 अगस्त 2026 को EOW ने एक स्टेटस रिपोर्ट सौंपी, जिसमें पुष्टि की गई कि SCL ने पांच खास बॉरोअर ग्रुप्स - DLF Group, Vatika Group, Americorp Group, Chordia Group, और Reliance ADAG Group - को दिए गए लोन से संबंधित सभी पैसे सफलतापूर्वक वसूल कर लिए हैं। कंपनी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने EOW FIR के भीतर लगे आरोपों की जांच के लिए CBI को निर्देश दिए हैं, जिससे SCL की पीड़ित स्थिति और मजबूत होती है।
इसके अलावा, SCL ने यह भी स्पष्ट किया कि Yes Bank Ltd. के प्रमोटरों और Indiabulls Housing Finance Ltd. के पूर्व प्रमोटर, श्री समीर गहलोत के बीच हुए ट्रांजैक्शन्स से संबंधित एक अलग CBI जांच में Sammaan Capital Limited शामिल नहीं है। यह CBI एप्लीकेशन सिर्फ श्री गहलोत, उनकी प्रमोटर कंपनियों और श्री राणा कपूर तक सीमित है।
बैकस्टोरी
Sammaan Capital ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले सात सालों में विभिन्न वैधानिक एजेंसियों द्वारा PIL आरोपों के संबंध में उन्हें किसी भी गलत काम से क्लीन चिट मिली है। इन एजेंसियों में मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (MCA), नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB), सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI), रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), और दिल्ली पुलिस की EOW शामिल हैं।
कंपनी ने स्वामित्व और प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं। 2023 से, श्री समीर गहलोत प्रमोटर नहीं रहे हैं, उन्होंने अपनी पूरी शेयर होल्डिंग बेच दी है। SCL अब नए स्वामित्व के अधीन है, जिसमें अबू धाबी स्थित इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी PJSC (IHC) प्रमोटर है, जो बोर्ड को भी कंट्रोल करती है और USD 1 बिलियन के निवेश का वादा कर चुकी है।
ध्यान देने योग्य जोखिम
हालांकि कंपनी अपनी पीड़ित स्थिति का दावा करती है और उसे रेगुलेटरी क्लीयरेंस मिल चुकी है, CBI द्वारा चल रही जांच, भले ही वह सीधे SCL से संबंधित न हो, एक छाया डाल सकती है। सभी लोन राशियों की रिकवरी एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन बाज़ार व्यापक जांचों में किसी भी आगे के विकास पर नज़र रखेगा।
पीयर कम्पेरिज़न
इसी तरह के रेगुलेटरी क्लेरिफिकेशन या EOW/CBI जांचों में शामिल खास पीयर्स (peers) के बारे में जानकारी फाइलिंग में नहीं दी गई है। कंपनी का पीड़ित होने पर जोर देना और फंड की सफल रिकवरी उसकी वर्तमान स्थिति को उन कंपनियों से अलग करती है, जो सीधे आरोपों का सामना कर रही हैं।
कॉन्टेक्स्ट मेट्रिक्स (समय-आधारित)
- EOW FIR दर्ज: 15 दिसंबर 2025
- EOW स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत: 11 अगस्त 2026
- श्री समीर गहलोत प्रमोटर नहीं रहे: 2023 से
- IHC द्वारा USD 1 बिलियन निवेश का वादा।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार CBI जांच से किसी भी आगे के अपडेट पर बारीकी से नज़र रखेंगे। नए प्रमोटर, IHC के तहत कंपनी के निरंतर ऑपरेशनल प्रदर्शन और प्रतिबद्ध निवेश के सफल एकीकरण पर भी मुख्य फोकस रहेगा।
