Sammaan Capital ने अपनी 21वीं AGM का ऐलान कर दिया है, जो 30 सितंबर 2026 को होगी। इसमें कंपनी ₹25,000 करोड़ के NCD जारी करने की योजना पर शेयरधारकों से मंजूरी मांगेगी। FY26 में कंपनी को ₹7,597.5 करोड़ का नुकसान हुआ है, जिसके पीछे भारी प्रोविजनिंग और लोन रीक्लासिफिकेशन मुख्य वजहें रही हैं।
AGM में बड़े फैसलों पर नजर
Sammaan Capital ने अपनी 21वीं सालाना आम बैठक (AGM) 30 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बुलाई है। इस मीटिंग का मुख्य एजेंडा कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव ₹25,000 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) जारी करने की सीमा को रिन्यू करना है। मार्च 2026 तक कंपनी पर पहले से ही ₹28,501 करोड़ के NCDs बकाया हैं, इसलिए यह कदम लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए बेहद अहम है।
घाटे का सच और बैलेंस शीट की सफाई
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹7,597.5 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि पिछले साल (FY25) कंपनी ₹942.7 करोड़ के मुनाफे में थी। कंपनी का कहना है कि यह घाटा जानबूझकर किया गया है ताकि बैलेंस शीट को पूरी तरह साफ (Cleanup) किया जा सके। इसमें लोन रीक्लासिफिकेशन और मैनेजमेंट ओवरले प्रोविजनिंग शामिल हैं। वहीं, कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹7,546.1 करोड़ रहा है।
बोर्ड में बड़े बदलाव
AGM में बोर्ड में हो रहे बदलावों पर भी मुहर लगेगी। होल-टाइम डायरेक्टर सचिन चौधरी रोटेशन के जरिए रिटायर हो रहे हैं, जबकि अबू धाबी के प्रमोटर ग्रुप का प्रतिनिधित्व करने के लिए एच.ई. डलिया हाजेम गामिल खोरशिद को नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। साथ ही, शेफली शाह को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव है।
हालांकि कंपनी मुनाफे की दौड़ में पीछे है, लेकिन CRISIL, CARE और ICRA जैसी एजेंसियों ने इसकी क्रेडिट रेटिंग में सुधार किया है, जो कंपनी के प्रोफेशनल मैनेजमेंट की ओर बढ़ने का संकेत है।
