शेयरधारकों और लेनदारों की हरी झंडी
Salasar Techno Engineering और Hill View Infrabuild Limited के बीच प्रस्तावित मर्जर स्कीम को शेयरधारकों और लेनदारों का जबरदस्त समर्थन मिला है। हुई NCLT-कन्वेन्ड मीटिंग्स में, 99.72% शेयरधारकों ने इस स्कीम के पक्ष में वोट किया, जबकि लेनदारों (सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड) ने 100% सर्वसम्मति से इसे मंजूरी दे दी।
आगे क्या?
यह मंजूरी मर्जर प्रक्रिया में एक बड़ा मील का पत्थर है। शेयरधारकों और लेनदारों का समर्थन मिलने से मर्जर के रास्ते की एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। अब कंपनी NCLT और अन्य ज़रूरी रेगुलेटरी बॉडी से अंतिम मंज़ूरी हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। मर्जर की तयशुदा 'अपॉइंटेड डेट' 1 अप्रैल, 2025 है, जो इन अंतिम मंजूरियों पर निर्भर करती है।
मर्जर का आधार
Salasar Techno Engineering पावर ट्रांसमिशन टावर्स, टेलीकॉम टावर्स जैसे विभिन्न स्ट्रक्चर्स के निर्माण और सप्लाई का काम करती है। साथ ही, कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे और डिफेंस से जुड़े प्रोजेक्ट्स भी करती है।
निवेशक क्या उम्मीद करें?
यह मर्जर सफल होने पर Salasar Techno Engineering, Hill View Infrabuild के शेयरधारकों को नए इक्विटी और प्रेफरेंस शेयर जारी करेगी। सिक्योर्ड लेनदारों को ₹348.30 करोड़ और अनसिक्योर्ड लेनदारों को ₹591.83 करोड़ का भुगतान किया जाना है। मर्जर के लिए 2,87,430 इक्विटी शेयर्स (₹1 फेस वैल्यू वाले) प्रति 100 इक्विटी शेयर्स (₹10 फेस वैल्यू वाले) के बदले जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, 8,358 (5%) नॉन-क्यूमलेटिव कम्पलसरी रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर्स (CRPS) भी जारी होंगे, जिनकी फेस वैल्यू ₹10 होगी। इन CRPS पर 5% सालाना कूपन रेट मिलेगा और इन्हें 20 साल की मैक्सिमम अवधि में रिडीम किया जा सकेगा।
