Sakthi Finance के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। रेटिंग एजेंसी ICRA ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को BBB (Stable) पर बरकरार रखा है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) 3% बढ़कर **₹17.2 करोड़** हो गया है।
ICRA ने Sakthi Finance की रेटिंग BBB (Stable) पर बरकरार रखी
रेटिंग एजेंसी ICRA ने Sakthi Finance Limited के लॉन्ग-टर्म और शॉर्ट-टर्म डेट (debt) को [ICRA]BBB (Stable) रेटिंग दी है। यह रेटिंग कंपनी के नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) और बैंकिंग फैसिलिटीज पर लागू होती है। आउटलुक 'स्टेबल' है, जिसका मतलब है कि ICRA को कंपनी की एसेट क्वालिटी और कैपिटल पोजिशन में स्थिरता की उम्मीद है।
मुनाफे में मामूली बढ़त, आय में गिरावट
Sakthi Finance ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY2026) में ₹17.2 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY2025) के ₹16.7 करोड़ की तुलना में 3% ज्यादा है। हालांकि, कंपनी की कुल आय (Total Income) में 2.6% की गिरावट आई है, जो FY2026 में ₹208.7 करोड़ रही, जबकि FY2025 में यह ₹214.3 करोड़ थी। कंपनी के टोटल मैनेज्ड एसेट्स में 4.1% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹1,459.4 करोड़ पर पहुंच गया।
क्यों अहम है ये रेटिंग?
क्रेडिट रेटिंग का बरकरार रहना कर्जदाताओं (lenders) के लिए राहत की बात है और यह Sakthi Finance की साख को दर्शाता है। मुनाफे में हल्की बढ़त और ग्रॉस स्टेज 3 (GS3) एसेट्स में सुधार ऑपरेशनल मजबूती का संकेत देते हैं।
कंपनी का बैकग्राउंड
Sakthi Finance एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है जो मुख्य रूप से साउथ इंडिया में व्हीकल और मशीनरी लोन पर फोकस करती है।
क्या हैं जोखिम?
कंपनी के लिए एक बड़ी चिंता यह है कि इसका 95% पोर्टफोलियो सिर्फ तमिलनाडु और केरल में केंद्रित है। इससे कंपनी क्षेत्रीय आर्थिक मंदी या नीतियों के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाती है। इसके अलावा, FY2026 में लोन पोर्टफोलियो में 10% की कमी आई है, जो या तो कंजर्वेटिव लेंडिंग या स्केल की कमी का संकेत हो सकता है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव भी भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित कर सकता है।
