Sahara Housingfina Corporation के लिए FY26 का साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **46.9%** गिरकर **₹0.34 करोड़** रह गया है, जबकि ग्रॉस इनकम में भी **16.9%** की गिरावट दर्ज की गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के सालाना नतीजों पर नजर डालें तो प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹0.65 करोड़ से घटकर इस साल ₹0.34 करोड़ रह गया है। ग्रॉस इनकम भी ₹8.63 करोड़ से गिरकर ₹7.17 करोड़ पर आ गई है। कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी ₹68.09 करोड़ से सिकुड़कर ₹61.40 करोड़ पर पहुंच गई है।
डिविडेंड पर बड़ा फैसला
फंडिंग से जुड़ी चुनौतियों और पूंजी को बचाने की प्राथमिकता को देखते हुए कंपनी ने इस बार कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है। लोन डिस्बर्समेंट में भी कमी देखी गई है, जो इस साल ₹7.33 करोड़ रही, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹9.80 करोड़ था।
NPA का संकट और RBI की सख्ती
कंपनी के लिए एसेट क्वालिटी एक बड़ी चिंता बनी हुई है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) ₹5.21 करोड़ से बढ़कर ₹5.42 करोड़ हो गए हैं। साथ ही, RBI ने केवाईसी (KYC) डेटा अपडेट करने में कोताही बरतने पर कंपनी पर ₹50,000 का जुर्माना भी लगाया है।
आगे की राह
मैनेजमेंट अब छोटे लोन (Small-ticket lending) पर फोकस कर रहा है ताकि डिफॉल्ट के रिस्क को कम किया जा सके। हालांकि, बड़ी कंपनियों की तुलना में महंगी फंडिंग कॉस्ट अभी भी कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल रही है। निवेशकों को आने वाले समय में कंपनी के NPA ट्रेंड और फंड जुटाने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए।
