SVC Industries के प्रमोटरों ने कंपनी के कुल वोटिंग कैपिटल का **46.78%** हिस्सा गिरवी (Encumbered) रखा है। यह कदम एक थर्ड-पार्टी कंपनी के लिए लिए गए **₹15 करोड़** के इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
SVC Industries के प्रमोटरों ने अपनी हिस्सेदारी का एक बड़ा हिस्सा ₹15 करोड़ के लोन को गारंटी देने के लिए इस्तेमाल किया है। यह लोन SICPA India Private Limited द्वारा एक अन्य कंपनी, Overseas Infrastructure Alliance (India) Private Limited को दिया गया है। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इसमें 3,99,58,361 शेयरों को सीधे तौर पर गिरवी रखा गया है, जबकि 3,57,68,504 शेयरों पर नॉन-डिस्पोजल अंडरटेकिंग (NDU) दी गई है।
निवेशकों के लिए क्यों है चिंता?
रिटेल निवेशकों के लिए यह एक बड़ा संकेत है। चूंकि कंपनी की लगभग आधी वोटिंग पावर (46.78%) अब एक बाहरी लोन से जुड़ी हुई है, इसलिए यदि कर्ज लेने वाली कंपनी डिफॉल्ट करती है, तो यह सीधे तौर पर SVC Industries की ओनरशिप और मार्केट सेंटीमेंट पर असर डाल सकती है। हालांकि अभी लेंडर (SICPA India) के पास कोई वोटिंग अधिकार नहीं है, लेकिन भारी मात्रा में शेयर गिरवी होना भविष्य के लिए जोखिम का संकेत माना जाता है।
आगे क्या रखें नजर?
कंपनी के कुल 16,30,95,352 शेयरों में से लगभग आधे शेयरों पर खतरा मंडरा रहा है। निवेशकों को कंपनी की अगली रेगुलेटरी फाइलिंग्स पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। यदि गिरवी रखे गए शेयरों को लेकर किसी भी प्रकार के बदलाव या डिफॉल्ट की खबर आती है, तो यह स्टॉक के लिए बड़ा नेगेटिव ट्रिगर साबित हो सकता है।
