SVC Industries के प्रमोटर्स ने अपनी **46.43%** हिस्सेदारी यानी **7.57 करोड़** शेयर गिरवी रख दिए हैं। यह कदम Overseas Infrastructure Alliance (India) Private Limited के लिए **₹15 करोड़** के इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है।
बड़ी हिस्सेदारी दांव पर
SVC Industries के प्रमोटर्स और उनसे जुड़े लोगों ने कुल 7,57,26,868 शेयर गिरवी रखे हैं। यह कंपनी की कुल इक्विटी का 46.43% हिस्सा है। इसमें गिरवी (Pledges) और नॉन-डिस्पोजल अंडरटेकिंग (NDU) दोनों शामिल हैं, जो Sicpa India Private Limited को दिए गए हैं। यह पूरी कवायद Overseas Infrastructure Alliance (India) Private Limited के लिए ₹15 करोड़ का वर्किंग कैपिटल जुटाने के लिए की गई है, जिसकी समय सीमा 6 महीने तय की गई है।
निवेशकों के लिए क्या हैं खतरे?
इतनी बड़ी मात्रा में शेयर गिरवी रखना कंपनी के लिए जोखिम भरा हो सकता है। यह न केवल प्रमोटर्स की लिक्विडिटी पर दबाव दिखाता है, बल्कि शेयर प्राइस में उतार-चढ़ाव (Volatility) का कारण भी बन सकता है। निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि क्या कर्ज लेने वाली कंपनी 6 महीने की अवधि में पैसा चुका पाएगी। अगर रीपेमेंट में चूक होती है, तो गिरवी रखे गए शेयर बिक सकते हैं, जिसका असर कंपनी के शेयर होल्डिंग पैटर्न और मार्केट सेंटीमेंट पर पड़ सकता है।
रेगुलेटरी विवाद
यह घटनाक्रम BSE द्वारा 16 अक्टूबर 2026 को पूछे गए एक सवाल के बाद आया है, जिसमें 28 सितंबर 2026 की फाइलिंग में पारदर्शिता की कमी और नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए गए थे। हालांकि, SVC Industries ने अपने जवाब में दावा किया है कि उन्होंने SEBI के सभी नियमों का पालन किया है और होल्डिंग्स का डेटा बिल्कुल सही है।
