SVC Industries Share Price: घाटे में आई कमी, लेकिन कमाई गिरी **97%**! कंपनी ने लिया ₹20 करोड़ का लोन

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AuthorNeha Patil|Published at:
SVC Industries Share Price: घाटे में आई कमी, लेकिन कमाई गिरी **97%**! कंपनी ने लिया ₹20 करोड़ का लोन

SVC Industries के लिए पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का नेट लॉस (Net Loss) **₹61.41 लाख** से घटकर **₹70.21 लाख** हो गया। वहीं, एग्री प्रोडक्ट सेल्स (Agri Product Sales) बंद होने के कारण कंपनी का रेवेन्यू **₹264.87 लाख** से गिरकर महज **₹6.96 लाख** पर आ गया। साथ ही, कंपनी ने **₹20 करोड़** तक का लोन लेने की मंजूरी भी दे दी है।

###SVC Industries के नतीजे: क्या हुआ?

SVC Industries ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए हैं। इस दौरान कंपनी को ₹61.41 लाख का शुद्ध घाटा (Net Loss) हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹70.21 लाख था। यानी घाटे में ₹8.8 लाख की कमी आई है।

###रेवेन्यू में भारी गिरावट का कारण

कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) में भारी गिरावट आई है। यह पिछले साल की समान अवधि के ₹264.87 लाख से घटकर इस तिमाही में सिर्फ ₹6.96 लाख रह गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह 'एग्री प्रोडक्ट सेल्स' का बंद होना है, जिससे पिछले साल इसी तिमाही में ₹241.75 लाख का रेवेन्यू आता था। कंपनी ने बताया कि अब उसका एकमात्र ऑपरेटिंग सेगमेंट एग्री प्रोडक्ट का ट्रेडिंग और वेयरहाउसिंग है।

###कर्ज का बोझ और नई उधारी

कंपनी के डायरेक्टर्स ने ₹20 करोड़ तक की उधारी (Borrowing Facilities) लेने को मंजूरी दे दी है। इस लोन को प्रमोटरों के शेयर गिरवी रखकर सिक्योर किया जाएगा। यह कदम कंपनी के संचालन या कर्ज के बोझ को कम करने के लिए उठाया जा रहा है।

###PICUP लोन सेटलमेंट और अन्य देनदारियां

कंपनी के PICUP (Pradeshiya Industrial & Investment Corporation of U.P. Limited) के साथ हुए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) की समय सीमा को 30 सितंबर, 2026 तक बढ़ा दिया गया है। इससे कंपनी को अंतिम किश्त चुकाने के लिए और समय मिल गया है। इसके अलावा, कंपनी बाकी बचे डिबेंचर होल्डर्स के साथ भी बकाया देनदारियों के निपटान के लिए बातचीत कर रही है, हालांकि अंतिम निपटान राशि का अनुमान अभी स्पष्ट नहीं है।

###आगे क्या देखना होगा?

निवेशकों की नजर अब कंपनी की ₹20 करोड़ की नई उधारी जुटाने की क्षमता पर रहेगी। साथ ही, PICUP और अन्य डिबेंचर होल्डर्स के साथ कर्ज निपटान की प्रगति, खासकर 30 सितंबर, 2026 की डेडलाइन तक, महत्वपूर्ण होगी। एग्री प्रोडक्ट ट्रेडिंग बिजनेस से भविष्य में रेवेन्यू कैसे जेनरेट होगा, इस पर भी बारीकी से नजर रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.