SRG Housing Finance ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है जिनमें फर्जी लोन अकाउंट्स होने का दावा किया गया था। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि National Housing Bank (NHB) की तरफ से उन्हें कोई 'रेड फ्लैग' नहीं मिला है।
आरोपों पर कंपनी का रुख
बाजार में उड़ रही अफवाहों को शांत करते हुए SRG Housing Finance ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। कंपनी ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि NHB ने कंपनी के अंदर फर्जी लोन अकाउंट्स की पहचान की है। मैनेजमेंट का साफ कहना है कि ऐसा कोई भी अकाउंट नहीं बनाया गया है और सभी ऑपरेशन्स नियमों के मुताबिक चल रहे हैं।
क्यों घबराए हुए थे निवेशक?
हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में एसेट क्वालिटी और रेगुलेटरी नियमों का पालन करना सबसे अहम होता है। फंड डायवर्जन या फर्जी अकाउंट्स की खबरों से अक्सर निवेशकों में पैनिक फैल जाता है। कंपनी का यह त्वरित स्पष्टीकरण निवेशकों के भरोसे को बनाए रखने की एक कोशिश है ताकि किसी भी तरह की पैनिक सेलिंग को रोका जा सके।
क्या NHB का ऑडिट सच में चिंता का विषय है?
कंपनी ने कंफर्म किया है कि NHB द्वारा एक पीरियोडिक ऑडिट किया जा रहा है। हालांकि, मैनेजमेंट ने जोर देकर कहा है कि यह हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) के लिए एक सामान्य और रूटीन प्रक्रिया है। इसे किसी भी तरह की गड़बड़ी या एडवर्स फाइंडिंग के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
अब आगे क्या?
फिलहाल, निवेशकों को NHB के इस ऑडिट के फाइनल नतीजों पर नजर रखनी होगी। हालांकि कंपनी ने अपना पक्ष मजबूती से रखा है, लेकिन रेगुलेटर की तरफ से ऑडिट का समापन ही बाजार के उन सवालों को पूरी तरह खत्म करेगा, जो इंटरनल कंट्रोल और एसेट पोर्टफोलियो को लेकर उठ रहे हैं।
