SRG Housing Finance Ltd ने एक इन्वेस्टर कॉल के जरिए **₹400 करोड़** के फंड डायवर्जन के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। मैनेजमेंट ने साफ किया कि नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) के साथ चल रही 'रेड-फ्लैग' स्थिति केवल एक सुपरवाइजरी ऑडिट का हिस्सा है, न कि फ्रॉड।
आरोपों पर मैनेजमेंट का रुख
हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स में ₹400 करोड़ के फंड डायवर्जन का दावा किया गया था, जिसे कंपनी के एमडी विनोद कुमार जैन ने सिरे से खारिज कर दिया। कंपनी का कहना है कि यह रकम उनके कुल लोन बुक का लगभग एक-तिहाई है, जिसे डायवर्ट करना व्यावहारिक रूप से असंभव है।
NHB ऑडिट और रेड-फ्लैग का सच
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि NHB का 'रेड-फ्लैग' स्टेटस किसी धोखाधड़ी का संकेत नहीं है, बल्कि यह जुलाई से चल रहे एक सामान्य सुपरवाइजरी ऑडिट का हिस्सा है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि ऑडिट पूरा होने के बाद यह स्टेटस हटा दिया जाएगा।
मजबूत फाइनेंशियल सेहत
कंपनी ने अपने मजबूत फंडामेंटल्स की जानकारी दी:
- Capital Adequacy Ratio: कंपनी का अनुपात 39.21% है, जो रेगुलेटरी मिनिमम से दोगुना से भी ज्यादा है।
- मुनाफा: प्रॉफिट आफ्टर टैक्स में तिमाही आधार पर 25% और फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में 33% की बढ़त दर्ज की गई है।
- लिक्विडिटी: कंपनी के पास अगले 2 से 3 महीने की देनदारियों को चुकाने के लिए पर्याप्त कैश उपलब्ध है।
ऑपरेशंस में बदलाव और स्ट्रैटेजी
एहतियात के तौर पर, ऑडिट पूरा होने तक नए लोन की मंजूरी और डिस्बर्समेंट (Disbursement) की रफ्तार को धीमा कर दिया गया है। कंपनी का मानना है कि इसका असर दूसरी तिमाही के बिजनेस वॉल्यूम पर दिख सकता है।
इसके अलावा, बोर्ड ने कंपनी को 'हाउसिंग फाइनेंस कंपनी' से बदलकर 'नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी' (NBFC) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रमोटरों ने भी हाल ही में अपनी हिस्सेदारी 1% बढ़ाई है और जरूरत पड़ने पर और कैपिटल लगाने का भरोसा दिया है।
