FY26 में SPA Capital Services का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹0.83 करोड़** हो गया है। हालांकि, ऑडिटर्स ने ब्याज खर्चों और लोन प्रोविजनिंग में चूक का हवाला देते हुए फाइनेंशियल नतीजों पर सवाल उठाए हैं।
फाइनेंशियल रिपोर्ट का गणित
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹38.62 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹32.94 करोड़ के मुकाबले बेहतर है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के ₹0.49 करोड़ से बढ़कर ₹0.83 करोड़ पहुंच गया है, वहीं प्रति शेयर कमाई (EPS) भी ₹1.61 से बढ़कर ₹2.71 हो गई है।
ऑडिटर्स की 'रेड फ्लैग' रिपोर्ट
नतीजों के साथ ऑडिटर्स M/s Dhana & Associates ने कंपनी के बही-खातों पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दी है। मुख्य आपत्ति यह है कि कंपनी ने ₹0.77 करोड़ के बकाया लोन के ब्याज खर्चों को नहीं दिखाया है, जिससे कंपनी का मुनाफा बढ़ा हुआ दिख रहा है। साथ ही, ₹3.14 करोड़ के उन लोन पर भी कोई प्रोविजन नहीं किया गया है, जिन्हें कंपनी ने 'लॉस एसेट' माना है।
मैनेजमेंट का पक्ष
मैनेजमेंट ने इन आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा है कि विवादित ब्याज खर्चों के लिए प्रोविजनिंग की जरूरत नहीं है। साथ ही, कंपनी का दावा है कि ₹3.14 करोड़ के लोन का प्रिंसिपल अमाउंट सुरक्षित है, इसलिए फिलहाल किसी अतिरिक्त प्रोविजन की आवश्यकता नहीं है।
आगे की राह
कंपनी 30 सितंबर 2026 को अपनी 42वीं AGM आयोजित करेगी। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी ₹50 करोड़ तक के 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस' (RPT) प्रस्ताव को कैसे मैनेज करती है और एसेट क्वालिटी से जुड़ी चिंताओं का समाधान कैसे होता है।
