SJ Corporation Ltd ने ₹12 प्रति शेयर के भाव पर ओपन ऑफर (Open Offer) की घोषणा की है। यह ऑफर कुल ₹13.53 करोड़ का है। नए मैनेजमेंट के तहत कंपनी अब रबर-केंद्रित बिजनेस (Rubber-centric Business) पर फोकस करेगी। यह ऑफर 13 जुलाई से 24 जुलाई, 2026 तक खुला रहेगा।
SJ Corporation का नया रूप
SJ Corporation Ltd ने कंपनी के 26.00% यानी 1,12,72,300 शेयरों को ₹12.00 प्रति शेयर के भाव पर खरीदने के लिए ओपन ऑफर निकाला है। इस पूरे ऑफर का कुल मूल्य ₹13.53 करोड़ होगा। शेयरधारकों के लिए बोली लगाने की अवधि 13 जुलाई, 2026 से 24 जुलाई, 2026 तक तय की गई है।
क्यों हो रहा है ये बड़ा बदलाव?
यह ओपन ऑफर कंपनी के मालिकाना हक और रणनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। नए मैनेजमेंट के नेतृत्व में SJ Corporation अब पूरी तरह से रबर-केंद्रित बिजनेस मॉडल पर आगे बढ़ेगी। कंपनी रबर उत्पादों, रसायनों, टायर स्क्रैप और वेस्ट-टू-एनर्जी सॉल्यूशंस के निर्माण और व्यापार पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसी क्रम में, Fishfa Rubbers Limited को कंपनी की पूरी तरह से स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (Wholly-owned Subsidiary) बना लिया गया है।
कंपनी का पिछला प्रदर्शन और चुनौतियां
फाइनेंशियल ईयर (FY) 2026 में SJ Corporation का कुल इनकम ₹25.54 करोड़ रहा, जबकि ₹0.24 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया गया। वहीं, FY 2025 में कुल इनकम ₹15.43 करोड़ और ₹0.20 करोड़ का नेट लॉस था। कंपनी की फाइलिंग में यह भी सामने आया है कि प्रमोटरों और एक्वायरर्स द्वारा ऐतिहासिक रूप से नियामक नियमों का पालन नहीं किया गया है, जिसमें SEBI (SAST) और SEBI (LODR) के नियमों के तहत देरी से खुलासे (Delayed Disclosures) शामिल हैं।
शेयरधारकों के लिए क्या है?
जिन मौजूदा शेयरधारकों को नए मैनेजमेंट की रणनीति या बिजनेस फोकस के साथ तालमेल नहीं बिठाना है, उनके लिए यह ओपन ऑफर कंपनी से बाहर निकलने का एक अवसर प्रदान करता है। ऑफर देने वालों ने कुल अधिकतम राशि का 100% एस्क्रो (Escrow) में जमा करके वित्तीय भरोसा दिलाया है।
निवेशकों के लिए खतरे की घंटी
निवेशकों को कंपनी के अतीत में SEBI के नियमों के उल्लंघन के इतिहास पर ध्यान देना चाहिए। भविष्य में इन लिस्टिंग और डिस्क्लोजर नियमों का पालन कंपनी के लिए निवेशकों का भरोसा बनाए रखने हेतु महत्वपूर्ण होगा।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को ओपन ऑफर में सब्सक्रिप्शन के स्तर और कंपनी की नई रबर बिजनेस रणनीति के क्रियान्वयन पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। भविष्य में SEBI के नियमों का पालन भी एक प्रमुख कारक होगा।
