SIS Limited ने अपने निवेशकों को खुश करने वाली खबर दी है। कंपनी के बोर्ड ने ₹120 करोड़ के शेयर बायबैक (Share Buyback) को मंजूरी दे दी है। यह कंपनी की लिस्टिंग के बाद पांचवीं बायबैक होगी।
₹120 करोड़ के बायबैक को मंजूरी
SIS Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹120 करोड़ के शेयर बायबैक प्रोग्राम को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह कंपनी के लिए एक अहम फैसला है, क्योंकि यह 2017 में IPO के बाद से कंपनी की पांचवीं बायबैक पहल होगी।
क्या है खास?
कंपनी ने बायबैक के लिए अधिकतम कीमत ₹478.50 प्रति शेयर तय की है, जो कि शेयर के आखिरी क्लोजिंग प्राइस ₹435 से करीब 10% ज्यादा है। इस बायबैक के जरिए कंपनी लगभग 111 लाख शेयर वापस खरीदने का प्लान कर रही है।
क्यों महत्वपूर्ण है ये कदम?
यह कदम SIS Limited की शेयरहोल्डर्स को अतिरिक्त पूंजी (Surplus Capital) वापस लौटाने की रणनीति को दर्शाता है। मैनेजमेंट का मानना है कि इस बायबैक से कंपनी के अर्निंग्स पर शेयर (EPS) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) दोनों में सुधार होगा, ठीक वैसे ही जैसे पिछली बायबैक में हुआ था। लिस्टिंग के बाद से अब तक कंपनी करीब ₹600 करोड़ शेयरधारकों को लौटा चुकी है, और इस नई बायबैक के बाद यह आंकड़ा बढ़कर करीब ₹720 करोड़ हो जाएगा।
पहले क्या हुआ?
SIS Limited ने अगस्त 2017 में शेयर बाजार में डेब्यू किया था। तब से लेकर अब तक यह कंपनी की पांचवीं बायबैक होगी। कंपनी का शेयरधारकों को पूंजी लौटाने का एक लंबा इतिहास रहा है।
आगे क्या?
इस बायबैक को अंतिम रूप देने के लिए कंपनी को शेयरधारकों और बोर्ड से जरूरी मंजूरी लेनी होगी। साथ ही, कंपनी एक्ट, 2013 और SEBI (Buy-back of Securities) रेगुलेशंस, 2018 के नियमों का पालन भी करना होगा। निवेशकों को इन मंजूरियों की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए।
जोखिम क्या हैं?
बायबैक को पूरा करने में रेगुलेटरी बाधाएं (Regulatory Hurdles) और बाजार की मौजूदा स्थितियां (Market Conditions) जोखिम पैदा कर सकती हैं। सभी जरूरी नियम-कानूनों का पालन और बाजार की चाल पर ही बायबैक का अंतिम फैसला निर्भर करेगा।
क्या हैं अहम आंकड़े?
- प्रस्तावित बायबैक राशि: ₹120 करोड़
- अधिकतम बायबैक मूल्य: लगभग ₹478.50 प्रति शेयर
- बायबैक के बाद कुल लौटाई गई पूंजी: लगभग ₹720 करोड़
- पिछली लौटाई गई पूंजी: लगभग ₹600 करोड़
आगे क्या देखें?
निवेशकों को शेयरधारकों और बोर्ड से अंतिम मंजूरी मिलने की समय-सीमा, बायबैक शुरू होने की तारीख और इसके पूरा होने की प्रक्रिया पर ध्यान देना चाहिए।
