SBI Funds Management (SBIFM) के IPO को लेकर बड़ी खबर आई है। SBI ने अपने ऑफर फॉर सेल (OFS) के आकार को संशोधित किया है और ₹1,655 करोड़ की Pre-IPO सेल सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, जिससे कंपनी के वैल्यूएशन पर मुहर लग गई है।
SBI Funds Management (SBIFM) IPO का ताज़ा अपडेट
SBI की सब्सिडियरी SBI Funds Management (SBIFM) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को लेकर बड़ा डेवलपमेंट हुआ है। SBI ने SBIFM में अपने ऑफर फॉर सेल (OFS) के साइज़ को बदल दिया है। अब SBI, SBIFM की 4.8851% हिस्सेदारी के बराबर 99,501,649 इक्विटी शेयर्स ऑफर करेगी।
इसके अलावा, SBI ने SBIFM में 1.4156% हिस्सेदारी के 28,832,748 इक्विटी शेयर्स को ₹574.00 प्रति शेयर के भाव पर 30 निवेशकों को बेचकर ₹1,655.00 करोड़ की Pre-IPO सेकेंडरी सेल पूरी कर ली है।
निवेशकों के लिए क्यों है खास?
यह अपडेट SBIFM के IPO में दिलचस्पी रखने वाले निवेशकों के लिए बहुत मायने रखता है। SBI द्वारा OFS साइज़ में यह बदलाव पब्लिक ऑफरिंग में उपलब्ध कुल शेयर्स की संख्या को प्रभावित करेगा। सफल Pre-IPO सेल SBIFM के वैल्यूएशन को साबित करती है, जो कि लिस्टिंग से पहले निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकती है।
IPO के लिए प्राइस बैंड ₹545 से ₹574 प्रति इक्विटी शेयर के बीच तय किया गया है। IPO के अलॉटमेंट की अनुमानित तारीख 18 जुलाई, 2026 है।
क्या है पूरी कहानी?
SBI Funds Management Limited (SBIFM) SBI की एसेट मैनेजमेंट सब्सिडियरी है। पहले SBI ने IPO में बड़ी हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई थी। Amundi India Holding द्वारा ऑफर किए गए शेयर्स को मिलाकर, कुल IPO ऑफर फॉर सेल का साइज़ 170,956,631 शेयर्स है।
अब क्या बदलेगा?
SBI द्वारा ऑफर फॉर सेल का साइज़ 128,334,397 इक्विटी शेयर्स (6.3007% हिस्सेदारी) से घटाकर 99,501,649 इक्विटी शेयर्स (4.8851% हिस्सेदारी) कर दिया गया है। इसका मतलब है कि IPO में SBI की ओर से कम शेयर्स उपलब्ध होंगे।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
यह IPO रेगुलेटरी अप्रूवल और बाजार की मौजूदा स्थितियों के अधीन है, जो इसकी सफलता या समय-सीमा को प्रभावित कर सकते हैं।
अगली बड़ी हलचल
निवेशकों को रेगुलेटरी अप्रूवल, IPO से पहले बाजार का सेंटिमेंट और सब्सक्रिप्शन के समय फाइनल प्राइसिंग पर नजर रखनी चाहिए। 18 जुलाई, 2026 की अलॉटमेंट डेट एक महत्वपूर्ण तारीख है जिस पर नज़र रहेगी।
