SBI Funds Management ने Q1 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले तिमाही के मुकाबले **36.5%** बढ़कर **₹872.81 करोड़** हो गया है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू **1.18%** बढ़ा है। इसके अलावा, कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी में **₹25 करोड़** के निवेश को मंजूरी दी है और प्रमोटर के अधिकारों को भी औपचारिक रूप दिया है।
SBI Funds Management का शानदार प्रदर्शन!
SBI Funds Management Ltd. ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹872.81 करोड़ का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछली तिमाही (Q4 FY26) के ₹639.42 करोड़ की तुलना में 36.50% की जबरदस्त बढ़ोतरी है।
रेवेन्यू में मामूली बढ़त, मुनाफे में बड़ी छलांग
Q1 FY27 में कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 1.18% की मामूली बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹1,148.68 करोड़ रहा। यह पिछली तिमाही के ₹1,135.29 करोड़ के मुकाबले थोड़ी बढ़त है। लेकिन मुनाफे में आई यह बड़ी उछाल निवेशकों के लिए अच्छी खबर है, जो कंपनी की बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को दर्शाती है।
प्रमोटर्स के अधिकारों को मिली मंजूरी, सब्सिडियरी में निवेश
कंपनी ने अपने प्रमोटर्स - भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) और Amundi India Holding - के विशेष अधिकारों को औपचारिक रूप देकर गवर्नेंस स्ट्रक्चर को और स्पष्ट किया है। इसके साथ ही, कंपनी ने अपनी पूरी तरह से स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, SBI Funds International (IFSC) Limited में ₹25 करोड़ तक के निवेश को मंजूरी दी है। यह निवेश GIFT City प्लेटफॉर्म के लिए स्पॉन्सर की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
आगे क्या? शेयरधारकों की मंजूरी और सब्सिडियरी का प्रदर्शन
कंपनी शेयरधारकों से पोस्टल बैलेट के माध्यम से विभिन्न प्रस्तावों के लिए मंजूरी मांगेगी। इसमें संशोधित आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन को अपनाना भी शामिल है, जो प्रमोटर के अधिकारों को औपचारिक बनाएंगे। निवेशकों को अब पोस्टल बैलेट के नतीजों और GIFT City में सब्सिडियरी के निवेश के सफल कार्यान्वयन पर नज़र रखनी होगी।
